नियम को ताक में रख खुल रहा पेट्रोल पंप, पंप के नाम पर अवैध उत्खन्न, राजस्व अमला बना मूकदर्शक

11:17 pm or June 16, 2022

प्रहलाद कछवाहा

उदयपुर १६ जून ;अभी तक;  बीजाडांडी थाना अन्तर्गत उदयपुर एव बीजाडांडी में तीन पेट्रोल पम्प का निर्माण कार्य चालू है। जिसमें एक उदयपुर और दो बीजाडांडी में निर्माणधीन है। कंपनी के द्वारा इन्हें परमीशन दे दी गई है, यहाँ तक सभी विभागों से एनओसी दे दी गई है लेकिन कोई भी अधिकारी यहाँ पर आकर भौगोलिक स्थिति का निरीक्षण नही किया। पेट्रोल पंपो का निर्माण ऐसी जगह हो रहा है, जहाँ की जगह ऊपर, नीचे है या टीले में है। जिसको बराबर करने के लिये जेसीबी की बड़ी मशीनों को जमीन को खोदा जा रहा है जो 10 फिट तक की गहराई के बराबर खुदाई हो रही है। इससे निकलने वाली मिटटी या मुर्रम को कुछ पंप वाले स्टॉक कर रहे तो कुछ डंफर या ट्रेक्टरो से अन्य जगह पर भेज रहे है। जबकि इनको खनन की किसी की परमीसन नही है।

                राजस्व अमला का कहना है कि इनके पास पेट्रोल पम्प बनाने की अनुमति है। अमला से जब पूछा गया की खनिज विभाग की कोई अनुमति है इनके पास तो गोल मोल जवाब देने लगे राजस्व विभाग की मिली भगत से पम्प के नाम से अवैध उत्खनन किया जा रहा है एवं निकले हुये अवशेष को कही भी फेका जा रहा है या बेचा जा रहा। विभाग के मौन सहमति से ये काम हो रहा है। इन लोगो का काम रात के समय अंधेरे में होता है, दिन में इनका काम बंद रहता है।

नियमो को ताक पर रख दी अनुमति :

जानकरी के मुताबिक जो पम्प खुलने वाले है इनकी अनुमति नियमो को ताक में रखकर दी गई है। उदयपुर में जो पम्प निर्माण कार्य चल रहा है, वह उदयपुर पावर हॉउस के बाजू से चल रहा है एवं वन विभाग के 100 मीटर के दायरे में आ रहा है, फिर भी वन विभाग  द्वारा आँख बंद करके इसकी एनओसी दे दी गई है। जबकि नियम में यह है कि  वन क्षेत्र से 100 मीटर की दूरी हो एवं पम्प के आस पास कोई बिजली की हैवी लाइन न हो, पर यहाँ तो पूरा पावर हॉउस है। जिस पर रोज स्पार्किंग एवं छोटे मोटे फाल्ट होते रहते है। जिसमें चिंगारी के साथ आग भी निकली है। अगर कोई हादसा होता है तो वन विभाग की सीमा भी लगी हुई है। इसी तरह बीजाडांडी में जो पम्प निर्माण चल रहा है वह भी वन विभाग की सीमा से 100 मीटर के दायरे में आते है इस तरह से लापरवाही कहाँ तक उचित है।