नूतन वर्ष पर जन्म लेने वाली बेटियों को मिलें सोने के लाकेट

मयंक भार्गव
बैतूल एक जनवरी ;अभी तक;  बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ योजना 2015 में  जनवरी माह में ही प्रारंभ की गई थी, जिसका उद्देश्य लड़को और लड़कियों में लिगांनुपात के अंतर को कम करना है। स्व.श्रीमती शीला देवी हिरानी की स्मृति में जिला चिकित्सालय में नूतन वर्ष में जन्मलेने वाली बेटियों को सोने के लाकेट व चांदी के लाकेट भेंट किये गए। कार्यक्रम संयोजक धीरज हिरानी व शैलेन्द्र बिहारिया ने बताया कि माताओं को नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही ड्राय फ़ूड व कोरोना की रोकथाम के लिये मास्क वितरण किया गया।
              ताप्ती क्लब व माँ शारदा सहायता समिति के शैलेन्द्र बिहारिया ने कहा कि देश में लगातार घटती कन्या शिशु-दर को संतुलित करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी। किसी भी देश के लिए मानवीय संसाधन के रुप में स्त्री और पुरुष दोनों एक समान रुप से महत्वपूर्ण होते है।केवल बेटा पाने की इच्छा ने देश में ऐसी स्थिति उत्पन्न कर दी है, कि इस तरह के योजना को चलाने की जरुरत आन पड़ी। कार्यक्रम संयोजक धीरज हिरानी ने कहा कि हमें कन्या के जन्म का उत्सव मनाना चाहिए, हमें अपनी बेटियों पर बेटों की तरह ही गर्व होना चाहिए। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि बेटियों के जन्म पर घुटन नही गर्व महसूस करें।
               दीप मालवीय व निमिष मालवीय ने बताया कि आज भी बेटी के जन्म पर परिवार सोचता है कि काश बेटा होता और इसी सोच को बदलने यह आयोजन किया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना में 1 हजार लड़कों पर 943 लड़किया है। इस अवसर पर डॉक्टर कृष्णा मौसिक व डॉ रानू वर्मा, डॉ ईशा डेनियल का बेटी बचाओ अभियान के लिए सम्मान किया गया। इस अवसर पर श्रीमती अंजली हिरानी, नवल वर्मा, दीपक सलूजा, मुकेश गुप्ता, पंजाबराव गायकवाड़, अभिलाषा बाथरी, तुलिका पचौरी, दीप मालवीय, निमिष मालवीय, मनोहर मालवीय, शैलेन्द्र बिहारिया, धीरज हिरानी ने सर्वप्रथम सरोज विश्वनाथ उइके, सीमा सुभाष लक्कड़जाम, प्रमिला मुकेश को बेटी के जन्म पर साल से माताओं का सम्मान कर सोने के लाकेट भेंट किए। सम्मान में 3 सोने के लाकेट व 20 चांदी के लाकेट बांटे गए। आभार प्रदर्शन पंजाबराव गायकवाड़ ने किया।