नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम से दर्ज होगी मनरेगा के मजदूरों की उपस्थिति

मयंक भार्गव

बैतूल ७ जनवरी ;अभी तक;  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के निर्माण कार्यों में मजदूरी की फर्जी हाजरी लगाकर बड़े पैमाने पर होने वाले फर्जीवाड़ा भ्रष्टाचार पर सख्ती से लोग लगाने एवं मजदूरों की उपस्थिति में पारदर्शिता लाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा के मजदूरों की उपस्थिति के लिए नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम लागू किया है। एनएमएमएस के तहत मनरेगा के निर्माण कार्यों में 20 से अधिक मजदूर संलग्र होने पर निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों की फोटो खींचकर दिन में दो बार मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। फोटो के माध्यम से ही मनरेगा के मजदूरी की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो गई। बैतूल जिले की ग्राम पंचायतों में नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम से मनरेगा के मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने की शुरूवात हो चुकी है।

दिन में दो बार फोटो खींचकर दर्ज होगी उपस्थिति

मनरेगा के निर्माण कार्यों में संलग्र मजदूरों की उपस्थिति के लिए लागू किए गए नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम के तहत मनरेगा के निर्माण कार्यों में 20 से अधिक मजदूर संलग्र होने पर मजदूरों द्वारा काम करने वाले निर्माण स्थल की दिन में दो बार प्रात: 6 से 11 बजे एवं दोपहर 2 से सायं 6 बजे के दौरान मोबाइल से फोटो खींचकर मनरेगा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। ग्राम पंचायत सहायक या मेट द्वारा नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम से मजदूरों की उपस्थिति की उपस्थिति निर्माण स्थल एवं मजदूरों के फोटोग्राफ के माध्यम से दर्ज की जाएगी।

पारदर्शिता आएगी : सीईओ

जिला पंचायत बैतूल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिलाष मिश्रा ने बताया कि मनरेगा के मजदूरों की उपस्थिति अब नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम के माध्यम से ली जाएगी। एनएमएमएस से उपस्ििाति लेने के लिए मनरेगा के निर्माण कार्यों में 20 से अधिक मजदूर संलग्र होने पर साइट की मोबाइल से दिन में दो बार फोटो खींचकर मनरेगा पोर्टल पर अपलोड कर ऑनलाइन अटेडेंस दर्ज की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ के मुताबिक नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम से उपस्थिति दर्ज होने से जहां उपस्थिति में पारदर्शिता आएगी वहीं मजदूरों की उपस्थिति में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी सख्ती से रोक लगेगी। जिला पंचायत सीईओ श्री मिश्रा ने बताया कि बैतूल जिले की अधिकतर ग्राम पंचायतों में एमएमएनएस के माध्यम से मनरेगा के मजदूरों की उपस्थिति लेने की शुरूवात हो चुकी है। तकनीकि समस्या के कारण चार-पांच पंचायतों में अभी एमएमएनएस से मजदूरों की अटेडेंस नहीं ली जा रही है। शीघ्र ही जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के मजदूरों की उपस्थिति के लिए नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम लागू हो जाएगा।