नेशनल लोक अदालत के महाकुंभ में निराकृत हुए 10,231 मामले, पक्षकारो के पक्ष अवार्ड हुए 41करोड़ 66 लाख 51 हजार रुपए, 

10:25 pm or November 12, 2022
संतोष मालवीय
, भोपाल १२ नवंबर ;अभी तक;   राजधानी की जिला अदालत में शनिवार को  आयोजित नेशनल लोक अदालत में पक्षकारों की आपसी सहमति से 10,231 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें समझौता योग्य आपराधिक मामले, दीवानी, विद्युत अधिनियम, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा, प्रीलिटिगेशन, चैक बाउंस प्रकरण, कुटुंब न्यायालय के प्रकरणों सहित अन्य प्रकरण का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति से किया गया। जिसमे पक्षकारो को 41 करोड़ 66 लाख 51 हजार रुपए की राशि अवार्ड की गई।
                              लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह ने सुबह साढ़े दस बजे महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इस अवसर पर नेशनल लोक अदालत के प्रभारी जिला न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार टाडा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एसपीएस बुन्देला, जिला रजिस्ट्रार मजिस्ट्रेट निमिष राजा और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी कोठारी उपस्थित थे। लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय में पति- पत्नी के बीच चल रहे भरण-पोषण और तलाक के सौ से अधिक प्रकरणों को आपसी सहमति से निराकरण किया गया। जिन प्रकर्णो का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया उन पक्षकारों को न्यायाधीशगण ने उपहार स्वरूप तुलसी के पौधे भेंट किए। वही अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना की अदालत ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम केस के प्रकरण में मृतक की पत्नी को बीमा कंपनी से समझौता के बाद बीमा कंपनी से 82 लाख रुपए का चेक दिलाया गया।प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला न्यायाधीश द्वारा बनाई गई 61 खंडपीठों ने मिलकर 10,231 प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें चेक बाउंस के 768, मोटर दुर्घटना के 317, राजीनामा योग्य आपराधिक मामले 776, पारिवारिक मामले 228, बैंक रिकवरी के 650, दीवानी के 328, बिजली विभाग के 788, श्रम विभाग के 18 तथा यातायात उलंघन, ई चालान, नगर निगम के जलकर, सम्पत्ति कर के कुल 4649 प्रकरर्णो सहित अन्य विभागों के मामले शामिल हैं।