नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो दायर करें नयी याचिका,  प्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर चुनाव का मामले

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर ६ जनवरी ;अभी तक;  महापौर का चुनाव जनता द्वारा किये जाने की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका के रेस्टोरेशन के लिए आवेदन दायर किया गया था।  सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिश एस नागेश्वर तथा जस्टिस डी आर गवई ने पाया कि जनता द्वारा महापौर का चुनाव करवाये जाने के संबंध में 26 जनवरी 2021 को बिल प्रकाशित किया गया है। युगलपीठ ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी नहीं किये जाने पर हाईकोर्ट में फ्रेश याचिका दायर करने की सलाह याचिकाकर्ता को दी। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने रेस्टोरेशन आवेदन को वापस लेने का आग्रह किया, जिसे युगलपीठ ने स्वीकार कर लिया।

गौरतलब है कि नागरिक उपभोक्ता मार्ग दर्शन मंच की तरफ से महापौर का चुनाव जनता द्वारा करवाये जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि सरकार द्वारा पार्षद द्वारा महापौर का चुनाव करवाये जाने का निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद दायर रिव्यु याचिका भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।

जिसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर की गयी थी। इस दौरान प्रदेश सरकार द्वारा सितम्बर 2020 को महापौर का चुनाव जनता द्वारा करवाये जाने के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी थी। अधिसूचना जारी होने के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया था। उक्त याचिका के रेस्टोरेशन के लिए याचिकाकर्ता की तरफ से आवेदन प्रस्तुत करते हुए पूर्व में पारित आदेश रिकाॅल करने का आग्रह किया गया था। आवेदन में कहा गया था कि परिस्थितियों में बदलाव आने के कारण पुन महापौर का चुनाव पार्षदों द्वारा करवाये जाने के निर्णय लिया गया है। आवेदन की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को उक्त सलाह दी। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने रेस्टोरेशन का आवेदन वापस ले लिया।