न्यायालय आयुक्त द्वारा अवैध रेत उत्खनन के प्रकरण में अपीलार्थी की अपील को किया अस्वीकार, 9 लाख रूपए का भरना होगा अर्थदण्ड

सौरभ तिवारी

होशंगाबाद ११ नवंबर ;अभी तक; न्यायालय आयुक्त नर्मदापुरम् संभाग ने  अवैध रेत उत्खनन के एक प्रकरण में अपीलार्थी की अपील को अस्वीकार किया है। अपीलार्थी संतोष जैन निवासी मंगलमय परिसर, तहसील एवं जिला होशंगाबाद द्वारा न्यायालय कलेक्टर  होशंगाबाद  में पारित आदेश से परिवेदित होकर आयुक्त न्यायालय नर्मदापुरम् संभाग में अपील प्रस्तुत की गई थी।

आयुक्त नर्मदापुरम् संभाग होशंगाबाद रजनीश श्रीवास्तव ने उक्त प्रकरण में समस्त पक्षो की सुनवाई पश्चात अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश को स्थिर रखा जाकर अपील को अस्वीकार किया है। अपीलार्थी को  9 लाख रूपए का अर्थदण्ड  अधिकतम एक माह की अवधि में भरना होगा।

उल्लेखनीय है कि दिनांक 15 जून 2018 को ग्राम गूजरवाडा तहसील बाबई  में खनिज विभाग की  टीम द्वारा अवैध परिवहन, उत्खनन एवं भंडारण की जांच की गई। जांच के  दौरान ग्राम गूजरवाडा तवा नदी के खसरा क्रमांक 167/1 रकबा142.171 में से  20.142 हेक्टेयर के बाहर 300 घन मीटर रेत का उत्खनन (एक बार) व्यापार के उद्देश्य से अनावेदक संतोष जैन द्वारा किया जाना पाया गया।  अवैध रेत खनिज की रॉयल्टी30,000  रुपए , मौके पर उपलब्ध खनिज की उत्खनित मात्रा300 घनमीटर थी। मध्य प्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53(1) के तहत एक बार उल्लंघन करने पर अवैध रेत उत्खनित रॉयल्टी रुपए 30,000 रुपए  की न्यूनतम 30 गुना तक शास्ति अधिरोपित करने के प्रावधान अंतर्गत 9 लाख रुपए का अर्थदंड  अधीनस्थ न्यायालय  कलेक्टर होशंगाबाद द्वारा अधिरोपित  किया गया। जिसके विरूद्ध अपीलार्थी द्वारा आयुक्त न्यायालय के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई थी।

आयुक्त नर्मदापुरम् रजनीश श्रीवास्तव द्वारा अपील अस्वीकार करने का आदेश 10 नवंबर  2020 को जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया है कि अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश स्थिर रखा जाकर अपील अस्वीकार की जाती है। आदेशित किया गया है कि आदेश पारित दिनांक से अधिकतम एक माह की अवधि में नियमानुसार उल्लेखित वसूली राशि  9लाख रुपए अपीलार्थी से वसूली उपरांत शासकीय मद में जमा कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

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