पटवारी के भ्रष्ट कारनामो से दस वर्ष से परेशान है शिक्षाविद् सेवानिव्त्त प्रोफेसर, निजी जमीन को कर दिया गया शासकीय

11:44 am or June 11, 2022

पन्ना संवाददाता

पन्ना ११ जून ;अभी तक; पन्ना जिले मे राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी के भ्रष्ट कारनामो से लोग भारी परेशान है अधिकांश पटवारीयों के कारनामो से किसान तथा हम लोग बहुत ही प्रताडित है। क्योकि इनके द्वारा किसी की भी जमीन मन माने ढंग से दर्शा दी जाती है जिसको लेकर लोग तहसील न्यायालय से लेकर वरिष्ट न्यायालयों तक केशो मे उलझे रहते है। और उन्हे न्याय के लिए वर्षो परेशान होना पडता है।

इसी प्रकार का मामला अमानगंज तहसील मुख्यालय का प्रकाश मे आया है। जहां पर सेवा निवृत्त शिक्षाविद् प्रोफेसर गोविन्दराम प्यासी ने मुख्यमंत्री के नाम भेजे गयें आवेदन मे उल्लेख किया गया है कि मेरे द्वारा वर्ष 2012 मे आरआजी क्रमांक 895/2 जो रकवा .108 जमीन राम किशोर व्यास से खरीदी गई थी। उक्त जमीन पर मेरे द्वारा मकान का निर्माण अपनी ही जमीन पर किया गया था उसके बावजूद कुछ भू माफिया लोगो द्वारा जो भी शिकायत की गई थी। शासकीय जमीन पर मेरे द्वारा कब्जा किया गया है तथा आम रास्ता नही दी जा रही है। जबकी संपूर्ण जमीन की रजिस्ट्री एवं सभी दस्तावेज उपलब्ध है। उक्त जमीन की जांच जिला स्तरीय टीम द्वारा भी की गई थी लेकिन स्थानीय पटवारी बृजेश पटेल द्वारा शासकीय दर्शा दिया गया। जिसके चलते तहसीलदार द्वारा स्टे लगा दिया गया। तथा मेरे विरूद्ध फैसला दिया गया। लेकिन उक्त स्टे तथा फैसले के खिलाफ मैने एसडीएम न्यायालय मे समस्त दस्तावेज प्रस्तुत किये गयें थें उसके आधार पर एसडीएम न्यायालय गुनौर द्वारा एसएलआर पन्ना द्वारा सीमांकन कराया गया तथा मेरे दस्तावेज एवं चौहद्दी सब सही पाया गया और उसी को आधार मानते हुए एसडीएम न्यायालय द्वारा मेरे पक्ष मे फैसला दिया गया था। लेकिन उसके बावजूद पटवारी की मिली भगत से फिर से सूरज बाई पान्डेय के बच्चो द्वारा सीमांकन मे संलग्न नजरी नक्शा एवं रजिस्ट्री की चौहद्दी गलत बताकर फिर से परेशान किया गया तथा पुनः उक्त प्रकरण के संबंध मे पटवारी बृजेश मदेले एवं राजस्व निरीक्षक अमानगंज द्वारा गलत रिपोर्ट को आधार बनाकर तहसील न्यायालय मे बाद 2020 प्रस्तुत करा दिया गया तथा पटवारी द्वारा अपने रिस्तेदार प्रकाश चन्द्र पटेल के नाम से पीछे की जमीन खरीद ली गई तथा चौहद्दी मे दर्ज दक्षिण दिशा मे शासकीय लेख करा कर बाउन्ड्री भी मेरी दौड दी गई तथा मेरी जमीन पर कब्जा कर लिया गया। इस प्रकार से पटवारी द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होने कहा कि वर्षो से जमें पटवारी द्वारा इसी प्रकार लोगो को परेशान किया जा रहा है तथा अमानगंज मे भू माफियाओं से मिलकर पटवारी ने अकूत संपत्ति अर्जित कर रखी है जिसकी जांच कराई जाये तथा अमानगंज से स्थानान्तरण कराये जाने की मांग की है। गौरतलब है कि उक्त पटवारी का छह माह पूर्व अमानगंज से स्थानान्तरण भी हो गया था लेकिन अभी तक भारमुक्त नही किया गया है। जिससे वरिष्ट अधिकारीयों के उपर भी प्रश्न चिन्ह खडे हो रहें है।