पत्रकार समाज का होता है दर्पण: मुनिश्री पीयूषचंद्र वीजय जी महाराज

7:54 pm or November 15, 2021
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर  १५ नवंबर ;अभी तक;  जैन समाज देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता हैं। सेवा एवं समर्पण के क्षेत्र में भी जैन समाज अग्रणीय रहता हैं। नए उभरते संगठन के माध्यम से जैन समाज जनसेवा का एक बड़ा केंद्र बन रहा हैं। बेहतर एवं कुशल संगठन से ही देश एवं समाज का विकास हो सकता हैं। पत्रकार समाज का दर्पण होता हैं। जब वह संगठित होकर कोई कार्य करता है तो उसके परीणाम बेहतर होते हैं।
                        उक्त प्रेरणादायी प्रवचन, गच्छाधिपति आचार्यश्री ऋषभचंद्र सूरिष्वरजी के शिष्य मुनिश्री पीयूषचंद्र विजयजी  महारासा ने मोहनखेड़ा में आयोजित जैन पत्रकार के प्रथम प्रादेशिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए दिए। आपने कहा कि मोहनखेड़ा की पवित्र भूमि से संघ के अधिवेषन की शुरूआत हो रही हैं। जो आगे जाकर निष्चित ही नए आयामों को छुएंगी। पत्रकारों की कलम में वह शक्ति होती है कि वह पीड़ितों व प्रभावितों की आवाज को बुलंदी से उठाकर प्रशासन को सही राह पर चलने को मजबूर कर देती हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुग्गड़ इंदौर, संस्थापक अध्यक्ष राजेश संकलेचा नागदा ने इस संघ की स्थापना कर जैन समाज के लिए अनुकरणीय कार्य किया हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुग्गड़, संस्थापक राजेश संकलेचा सहित अतिथि प्रकाश रांका, डॉ. सचिन आर्य, प्रवीण खारीवाल, सुजानमल सेठ, डॉ. प्रदीप बाफना ने दीप प्रज्जलन कर गुरूदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। अध्यक्षीय उदबोधन में श्री दुग्गड ने कहा कि संगठन का उद्देश्य जैन पत्रकारों को संगठित करना और समय समय पर हर सुख दुख में साथ खड़े रहना। समारोह के दौरान जैन पत्रकार संघ के प्रादेशिक पदाधिकारीयों का प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुग्गड़ व संस्थापक संकलेचा ने मोतियों की माला से बहुमान किया एवं सभी को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए।अधिवेशन में 35 पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया अधिवेशन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया ।
*आयोजनों की निरंतरता बनी रहें*
स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों की निरंतरता बनी रहना चाहिए। कोई भी संगठन अपने लक्ष्य को तभी प्राप्त कर सकता हैं। जब वह लगातार सक्रिय होकर बैठकों का आयोजन कर अपने कार्यक्रमों की समीक्षा करता रहें। आगे कहा कि प्रदेश स्तरीय सम्मेलन वर्ष में दो बार एवं प्रदेश स्तरीय कार्य समिति की बैठक भी वर्ष में दो बार अनिवार्य रूप से आयोजित करेंगे तो निष्चित ही संगठन अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता हैं।
*संगठन में आपसी प्रतिस्पर्धा घातक*
समारोह के विशेष अतिथि मोहनखेड़ा के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता मेें आपसी प्रतिस्पर्धा घातक होती हैं। अतः सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो सफलता नई ही प्राप्त होगी। पत्रकार साथी अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए करेंगे तो निश्चित ही संगठन के प्रति आम आदमी का विश्वास एवं भरोसा दिन ब दिन बढ़ेगा। समारोह के विशेष अतिथि एवं झाबुआ के समाजसेवी प्रकाश रांका ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में माना जाता हैं। यदि पत्रकार अपनी पूरी क्षमताओं को उपयोग करें तो निष्चित ही समाज की समस्या के निराकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता हैं। आपने  संगठन के संचालन हेतु 11 हजार रूप की मदद करने की घोषणा भी की।
*दसाई में होगा अलगा अधिवेशन*
प्रथम अधिवेशन के दौरान दसाई से आए जैन पत्रकारों ने अगला अधिवेशन दसाई जिला धार में करने का आग्रह प्रदेश के पदाधिकारियों से किया। इस पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुग्गड़ ने सर्वानुम्मति से आगामी अधिवेशन दसाई में करने की औपचारीक स्वीकृति दी।
अंत में आभार प्रदेश सह सचिव सुनील बाफना राजगढ़ ने माना ।