पन्ना में एक ऐसा गावँ जहाँ के बच्चो ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल कर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया

6:02 pm or September 10, 2021
पन्ना में एक ऐसा गावँ जहाँ के बच्चो ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल कर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया
पन्ना से दिलीप शर्मा
पन्ना १० सितम्बर ;अभी तक; -मध्यप्रदेश के पन्ना में एक ऐसा गांव है जिस गांव के दर्जनों  बच्चों ने नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर स्केटिंग खेल में  अपने देश-प्रदेश का परचम लहराया है ,. इस छोटे से गांव में मंत्री ओर सांसद भी जाकर बच्चों के इस खेल से प्रभावित होकर उनके और उनके गांव के विकास का वादा कर आए…लेकिन इस आदिवासी बाहुल्य गांव में सिस्टम के जिम्मेदारों ने गांव को भी गिरवी रखने से गुरेज नहीं किया । हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे कीमती खनिज संपदा के धनी हीरो की नगरी पन्ना के जनवार गांव की… जिला मुख्यालय से महज दस किलोमीटर दूर जनवार में बोर्ड स्केटिंग में बच्चे तो विकास गढ़ रहे हैं देश का नाम रोशन कर रहे हैं…लेकिन खोखले सिस्टम की वजह से गांव का विकास अभी कोसों दूर बना हुआ है। यहां विकास की कमजोर धारा से सैकड़ों लोगों का विकास ठहर सा गया है ओर हर रोज जंगल से लकड़ी लाकर शहर में बेच कर अपना जीवन यापन करने के लोग मजबूर हैं । इस गांव का मुख्य हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में कई कुटीरें हैं अधूरी पड़ी हुई हैं लोगों का कहना है कि कुटीरों को सरपंच सचिव मिलकर ठेके से बनवा रहे हैं।ओर जो लोग उन्हें नही देते उनकी क़िस्त लटक जाती है और प्रधानमंत्री आवास अधूरा रह जाता है।लेकिन ग्राम सचिव इसे सिरे से खारिज करते दिखे…. जब ग्राम के अंदर अभी  तक का कैमरा पहुंचा तो जहां महिलाएं पेड़ की छाया में छांव लेते दिखी…तो वहीं कई पुरुष वन विभाग के सरकारी भवन में तांश खेलते हुए (जुआ खेलते) देखे गए। गांव में आधी अधूरी सड़कें बनी है,,,प्रधानमंत्री आवास अधूरे पड़े है,,,,,खेल मैदान जींणक्षीण अवस्था मे है,,,,,वही पिछले पांच साल से उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका है,,,जनता की गाढ़ी कमाई से सरकार ने इसे बना तो दिया है लेकिन गावँ के विमार लोगो को आजतक एक गोली भी नही मिल सकी,,,,।
देखिए इस रिपोर्ट में ,,,।
          पन्ना जिला मुख्यालय से महज दस किलोमीटर दूर से जनवार ,,,,जिसकी आवादी करीव दो हजार है और करीव चौदह से वोटर  है। इस छोटे से गांव के बच्चे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर स्केटिंग करते हैं,,,2018 में स्केटबोर्डिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप चीन के नानजिंग में आयोजित हुई थी जिसमें गावँ के दो बच्चों आशा और अरुण ने भारत को रिप्रेजेंट किया,उसके बाद 2019 में नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप विशाखापट्टनम और 2020 में चंडीगढ़ में आयोजित नेशनल स्केटिंग चैंपियनशिप मैं भी कई बच्चों ने हिस्सा लिया और अवार्ड जीते,,,,अब तक इस गावँ के करीब 30 से ज्यादा बच्चे बिभिन्न जगहों में भाग लेकर अवार्ड जीत चुके हैं।आदिवासी बाहुल्य जनवार गावँ के इन बच्चों के खेल की प्रसंसा गावँ में पहुच कर खुद क्षेत्रीय सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और शिवराज सरकार के खनिज साधन एवं श्रम मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह कर चुके है।और बच्चों को हर संभव मदद तथा गांव के विकास का वादा कर चुके है। लेकिन वादे है बादों का क्या,,,,बेरहाल गावँ का विकास पंगु सिस्टम में सामने सिसक रहा है ,,,, और इन होनहार बच्चों का भविष्य भी सिमट कर रह गया है।
               जनकी आदिवासी ने कहा कि  जिंदगी ने कट गई लकड़ियां बेचते बेचते जंगल से लेकर आते हैं तो बेचकर बच्चे पालते है।
                राकेश यादव का कहना है कि अस्पताल बंद रहता है जब से बना है तब से बंद पड़ा है करीब 5 साल हो गए आज तक एक गोली भी किसी को नहीं मिली । लोग बीमार पड़ जाते हैं तो पन्ना लेकर जाना पड़ता है हम चाहते हैं कि अस्पताल जल्दी खुले।
             ललित श्रीवस्तान सचिव ग्राम पंचायत जनवार ने कहा कि अभी इन्हीं कुटीर का काम होता जा रहा है पैसा मिलता जा रहा है सरपंच सचिव नहीं बना रहे हैं लोग खुद अपनी बना रहे हैं जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत है।
             आरके पांडेय सीएमएचओ,पन्ना ने कहा कि जानवर का अस्पताल क्यों बंद है मुझे जानकारी नहीं है बीएमओ से बात करता हूं ऐसा नहीं हो सकता कि वहां कोई ना कोई स्टाफ ना हो फिर भी जानकारी ले लेता हूं बाद में बताऊंगा।