पन्ना में चल रहा बेशकीमती सफेद हीरे का काला कारोबार, हीरा माफिया सरकोहा में खोद रहे सरकारी ओर जंगल की जमीन

7:38 pm or September 3, 2021
पन्ना में चल रहा बेशकीमती सफेद हीरे का काला कारोबार, हीरा माफिया सरकोहा में खोद रहे सरकारी ओर जंगल की जमीन
पन्ना से दिलीप शर्मा ;दीपक;
पन्ना ३ सितम्बर ;अभी तक;  पन्ना में हीरों का अवैध उत्खनन कोई नई चीज नहीं है स्वभाविक है बगैर सरकारी महकमे के मिलीभगत से यह हो पाना संभव भी नहीं है । सांठगांठ का आलम यह है की पन्ना शहर से 15 किलोमीटर दूर सरकोहा में तो इस समय अंधेर गर्दी मची हुई है सभी जानकारियां होने के बावजूद धड़ल्ले से हीरा की खदान संचालित कराई जाती है । माफिया इतने बेखौफ है कि अब तो उन्होंने जंगल की जमीन पर ही कब्जा कर दूसरों को 50 हजार प्रति खदान के हिसाब से बेचना शुरू कर दिया है । यह दबंग लोग सरेआम जंगल की जमीन में खखरी बनाकर पहले कब्जा करते हैं फिर इसी जमीन पर हीरो की खदाने संचालित कर रहे और जो खूबसूरत बेशकीमती हीरे मिलते हैं इसमें सरकारी कार्यालय में जमा करने के बजाए काले बाजार में बेच देते हैं जिससे राजस्व का भारी नुकसान होता है वही जंगल की जमीन में अवैध उत्खनन होने से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है,,,
                    मामला पन्ना के सरकोहा गांव से सामने आया है जहां गांव के ही सुरेंद्र यादव , मंजा यादव और अन्य ने करीब 35 एकड़ जंगल और राजस्व की जमीन में कब्जा कर लिया है और रास्ता भी बंद कर अवैध हीरा खदान संचालित कराई जा रही हैं है जबकि इस जमीन का संयुक्त सीमांकन हो चुका है उसके पास मात्र 5 एकड़ का कब्जा पट्टा है और 40 से अधिक एकड़ में कब्जा कर हीरा खदाने संचालित कराई जा रही है । इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन,वन विभाग एवं अन्य लोगों से की गई पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है शिकायत के बाद भी कार्यवाही ना होना चिंता का विषय है। सरकारी और जंगल की जमीन में पहले कब्जा कर यही जमीन अवैध उत्खनन के लिए किराए पर दे दी जाती है।
             बताया जा रहा है कि हाल ही में बृजपुर के एक व्यापारी को 6 लाख में 25 बाई 25 के 6 प्लाट हीरा निकलने के लिए किराए से दिए हैं जिसमें काम संचालित कर दिया गया। खखरी यानी पत्थर की बाल बना कर जंगल की जमीन में कब्जा करने के लिए पास की  पहाड़ी से पत्थर भी खोदे जा रहे है जिससे कई पेड़ भी काट डाले जंगल में सरेआम हो रहे खनन और पर्यावरण के नुकसान पर विश्रामगंज रेंज के कर्मचारी जानकारी होने के बावजूद इसे नजरअंदाज कर रहे हैं और मामले को छुपा रहे। बेरहमी से किये जा रहे हीरे का अवैध उत्खनन गंभीर चिंता का विषय है और तब जब शिकायतों के बावजूद प्रशासन कार्यवाही नहीं करता तो जिम्मेदार लोगों की नियत पर प्रश्न उठना लाजमी है वन विभाग एक और किसानों को खेती करने पर उनके ट्रैक्टर जप्त कर लेता है और इस मामले में कार्यवाही न करना उनकी नियत पर खोट दर्शाता है वही इस पूरे मामले में डीएफओ का कहना है कि मैंने रेंजर बिश्रमगंज और एसडीओ को मौके पर जांच कर कार्यवाही करने को कहा है जरूरत पड़ेगी तो मैं स्वयं जाऊंगा कुछ लोग इसे राजस्व जमीन बता रहे हैं और पत्थर हीरा खदानों से लाए जाने की जानकारी है मैं कलेक्टर को इस जमीन के संयुक्त सीमांकन का पत्र भी लिख रहा हूं।
 स्थनीय निवासी देवेन्द्र यादव ने बताया कि सरकोहा गांव का मामला है जहां गांव के ही सुरेंद्र यादव , मंजा यादव और अन्य ने करीब 35 एकड़ जंगल और राजस्व की जमीन में कब्जा कर लिया है और रास्ता भी बंद कर अवैध हीरा खदान संचालित कराई जा रही हैं है जबकि इस जमीन का संयुक्त सीमांकन हो चुका है उसके पास मात्र 5 एकड़ का कब्जा पट्टा है और 40 से अधिक एकड़ में कब्जा कर हीरा खदाने संचालित कराई जा रही है इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन,वन विभाग एवं अन्य लोगों से की गई पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है शिकायत के बाद भी कार्यवाही ना होना चिंता का विषय है।
वनमंडल अधिकारी उत्तर वन मंडल पन्ना  गौरव शर्मा का कहना है कि मैंने रेंजर बिश्रमगंज और एसडीओ को मौके पर जांच कर कार्यवाही करने को कहा है जरूरत पड़ेगी तो मैं स्वयं जाऊंगा कुछ लोग इसे राजस्व जमीन बता रहे हैं और पत्थर हीरा खदानों से लाए जाने की जानकारी है मैं कलेक्टर को इस जमीन के संयुक्त सीमांकन का पत्र भी लिख रहा हूं।