पन्ना में नहरपट्टी की करोड़ो की बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने को लेकर तीन दिनों से चली गहमागहमी

पन्ना से दिलीप शर्मा
 पन्ना ७ अक्टूबर ;अभी तक;  मध्यप्रदेश के पन्ना शहर की कडोरों की बेशकीमती नहरपट्टी की शासकीय तीन एकड़ जमीन से कब्जा हटाने के हाई प्रोफाइल मामले में लगातार तीन दिनों तक गहमागहमी चलती रही… जिला प्रशासन के अधिकारी एसडीएम सत्यनारायण दर्रो के नेतृत्व में पहले दिन मौके पर पहुंचे और कुछ झाड़ियां काटकर कब्जा हटाने की कोशिश की गयी…लेकिन उसी समय कांग्रेस पार्टी की पूर्व जिला अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की खास समर्थक दिव्यारानी सिंह, उनके पति केशव प्रताप सिंह , ससुर भानु प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने प्रशासन की कार्यवाही का विरोध किया जिसको लेकर दिनभर तनातनी चलती रही आखिरकार प्रशासन ने देर शाम कबजा हटाना शुरू कर दिया और अतिक्रमण से करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन को खाली कराने की कार्यवाही देर रात फिर शुरू की गई।
                   एसडीएम सत्यनारायण दर्रो ने बताया की पन्ना शहर की आराजी क्रमांक 387, 388,389 कुल रकबा 3.144 हेक्टेयर नहरपट्टी की शासकीय जमीन है जहां वाकिंग ट्रेक बनाया जाना है इसके लिए खाली कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। वही दिव्या रानी सिंह इस कार्यवाही को पक्षपातपूर्ण बता रही है। बीच शहर में बेशकीमती जमीन से कब्जा हटाने की इस कार्यवाही का लोगों ने समर्थन किया है कहा जब बाकी ट्रैक बनकर तैयार हो जाएगा तो सार्वजनिक उपयोग के लिए लोगों के काम आएगा लेकिन भारी विरोध के कारण प्रशासन तीन दिनों में कार्यवाही के नाम पर केवल अपना स्वामित्व का बोर्ड लगा सका…हाला की कुछ मजदूर ओर नगर पालिका के कर्मचारी और पटवारी आर आई अभी भी मौके पर हर रोज नजर रखे हुए है।लेकिन अभी जो देखा जा रहा है कार्यवाही के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है।  ऐसे में जिला प्रशासन अब भी पशुपेश में दिख रहा है।हाला की प्रसासन ने अपना स्वामित्व का बोर्ड लगा दिया है।जिसकी निगरानी पुलिस-प्रसासन कर रहा है। क्योंकि पहले दिन जिला प्रसासन के स्वामित्व का बोर्ड हटा कर कब्जाधारियों ने अपने स्वामित्व का बोर्डस्थापित कर दिया था जिससे जिला प्रशासन की जमकर छीछालेदर हुई थी।अब जाके जिला प्रशासन ने अपने स्वामित्त का बोर्ड लगा दिया है जिसकी निगरानी भी की जा रही है।लेकिन बेदखली की कार्यवाही के नाम पर अभी भी प्रसासन पशुपेश में बना हुआ है। पन्नना के इस हाई प्रो फीलल मामले में कांग्रेस भी खुलकर आ गयी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री मति शारदा पाठक ने आरोप लगाया कि  प्रसासन कांग्रेसियों को टारगेट कर रहा है। तो वहीं प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रसासन जो कर रहा है निष्पक्ष कर रहा है । कार्यवाही होगी।
 दिव्यरानी सिंह (पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष पन्ना) ने कहा की 2013 में तहसीलदार द्वारा हमें नोटिस दिया गया था लेकिन यह जमीन और कोठी हमारे गॉडफादर द्वारा बनाई गई थी साथ में नहर भी बनाई गई थी फिर लगातार हमारे कब्जे में है 1920 में हमारी कोठी बनी थी इसके अंदर जाओगे तो देखोगे कि 100 साल पुराने फलदार पौधे पीपल और बरगद जामुन आमला के वृक्ष लगे हुए हैं जब हम 2013 में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष बने थी तब  अंकुर त्रिवेदी के द्वारा यह मुद्दा उठाया गया था जिस पर माननीय राजस्व मंडल ग्वालियर द्वारा पूरी जांच की गई जिसमें निकला की यह पट्टे हमारे हैं। तहसीलदार ने प्रतिवेदन भेजा था। अब मामला यह है कि मुड़िया पहाड़ में बसे आदिवासियों की लड़ाई हम लड़ रहे हैं और आगे भी हम लड़ते रहेंगे चाहे हमारा मर्डर क्यों ना हो जाए यह लड़ाई हम लड़ते रहेंगे अब दिव्यरानी सिंह पीछे नहीं हटेंगे। यह गलती प्रशासन की है कि प्रशासन के दस्तावेजों में यह जमीन अभी तक उल्लखित है।
 सत्यनारायण दर्रो (एसडीएम पन्ना) का कहना है की लगभग  तीन हेक्टेयर जमीन है और यह 1994 में दिव्या रानी की मम्मी और उनके पति केशव को फलदार वृक्ष लगाने की अनुज्ञा दी गई थी जिसमें आम जामुन इमली सहित चार प्रकार के पौधे लगाए जाने की अनुमति थी इसको दो साल के लिए ही दिया गया था क्योंकि अभी सार्वजनिक रूप से यहां पर पाथवे बनना है और लोगों को घूमने फिरने के लिए स्थान उपलब्ध कराना है लिहाजा यहां पर उसको संरक्षित किया जा रहा है  दिव्या रानी को लगता है कि यहां उनकी स्वामित्व है लेकिन यह अनुज्ञा पत्र में शासन की बेशकीमती जमीन है यह भी बताना चाहूंगा कि हमने यहां अभी कोई अतिक्रमण नहीं हटाया है यह सिर्फ सौंदर्य करण के उद्देश से हम डेवलप कर रहे हैं इसलिए यह कार्रवाई की है।
प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रसासन जो कर रहा है निष्पक्ष कर रहा है । कार्यवाही होगी।