पहले 200 रु. दो फिर बनेगा दिव्यांग प्रमाण पत्र

2:38 pm or August 6, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल ६ अगस्त ;अभी तक;  एक तो शरीर से लाचार ऊपर से यदि दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए भी इन लाचारों को रिश्वत देनी पड़े तो सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिस्टम में किस कदर भ्रष्टाचार घुलमिल गया है। ऐसा ही एक मामला उस समय सामने आया जब धौल निवासी मंगल ननकर से अस्पताल के एक सहायक ग्रेड -3 कर्मचारी राजेश गुजनारे ने 200 रुपए की मांग कर दी।

वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानदेव लोखण्डे ने बताया कि जब उन्हीं इसकी जानकारी लगी तो वह भी एक परिचित का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए पहुंचे तो उनसे भी उक्त कर्मचारी ने 200 रुपए की मांग की। श्री लोखण्डे ने रुपये मांगे जाने की शिकायत तत्काल सीएस डॉ अशोक बरंगा से की है। सीएस ने रिश्वत लेने वाले कर्मचारी को जमकर फटकार लगाई है। सीएस ने उक्त कर्मचारी पर कार्यवाही करने का भरोसा दिया है।