पाकिस्तान की जेल से 16 साल बाद लौटा 34 वर्षीय युवक, पन्ना जिले के ग्राम बघवार कला का निवासी है युवक

पन्ना से दिलीप शर्मा दीपक
पन्ना ११ अक्टूबर ;अभी तक;  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के बघवार कला गांव का 35 वर्षीय युवक लल्लू पटेल 17 साल बाद आखिर घर वापिस लौट आया है। रेपुरा पुलिस थाना से करीब 20 किलोमीटर दूर बघवार कला निवासी 35 वर्षीय लल्लू पटेल के अनुसार उसने 16 साल तक पाकिस्तान के कराची जेल में काटे है। वह बताता है कि जूनागढ़ वाले महाराज ने पाकिस्तान की जेल से रिहा कराने में मदद की तब कही वापिस अपने वतन आ सका।
              जिला मुख्यालय पन्ना से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर  बघवार कला लौटने के बाद अब पन्ना पुलिस उससे जानकारी जुटा रही है। हालाकि एसपी पन्ना घर्मराज मीणा का कहना है कि इस मामले में पन्ना जिले के किसी थाने में उसकी गुमसुदगी का कोई दस्तावेज अभी तक नही पाया गया है।लेकिन पुलिस अभी जांच कर रही है और जो तथ्य निकल कर सामने आयेगे उन्हें मीडिया और वरिष्ठ अधिकारियों को बताया जाएगा। हालाकि 17 साल बाद लल्लू पटेल के घर लौटने पर उसके परिजन बेहद खुश  है।
              मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की  तहसील रेपुरा के ग्राम पंचायत बघवार कला निवासी लल्लू पटेल  17 की उम्र में काम की तलाश में  वर्ष 2005 में घर से निकल गया था। वह अपने ग्राम बघवार कला से राजकोट के लिए गया जहां पर उसको काम ना मिलने के कारण वहां अपने एक सतना निवासी साथी के साथ जूनागढ़ गुजरात पहुंच गया जहां उसे किसी तरह पानी की वोट में खाना बनाने का काम मिल गया। यह बोट मछली पकड़ने के काम में लाई जाती थी  पापी पेट की खातिर वह वोट पर खाना बनाने का काम करने लगा जहां कई दिनों तक जूनागढ़ के पुरोहित गौरी शंकर महाराज की वोट में काम करता रहा फिर एक दिन वोट अचानक समुद्र में दूर रास्ता भटक जाने के कारण पाकिस्तान की सीमा में पहुंच गई जहां पाकिस्तानियों ने वोट को अपने कब्जे में ले लिया। वही वोट में अन्य लोगों के साथ बघवार कला  निवासी लल्लू लोधी पिता घसोटी लोधी को वर्ष 2005 में पाकिस्तानी पुलिस के हवाले कर कराची जेल में डाल दिया गया।
               लल्लू बताता है कि इस विषय की जानकारी वोट मालिक गौरीशंकर को कई वर्षों बीत जाने के बाद लगी जिसके बाद कई वर्षों तक लल्लू लोधी के दस्तावेज तैयार करवाने लल्लू लोधी को अपने पुत्र के रूप में स्वीकार कर बड़ी मशक्कत के बाद वर्ष 2021में 15 अगस्त के दिन रिहा कर दिया गया वहीं पाकिस्तान की जेल में 16 वर्ष तक लल्लू लोधी को निर्दोष होते हुए बहुत यातनाएं सहनी पड़ी। पाकिस्तान जेल से रिहा होने के बाद वही 1 दिन राजकोट के एक मंदिर में भगवान की पूजा पाठ कर रहे बघवार कला निवासी रमेश बड़गैया पिता पूजाराम बड़गैया जी को लल्लू लोधी ने पहचान लिया और लल्लू लोधी ने रमेश बड़गैया जी को पूरा घटनाक्रम बताया जिसके बाद रमेश बड़गैया जी ने 1 अक्टूबर 2021 पिछले हफ्ते मोबाइल के माध्यम से लल्लू लोधी के परिजनों से वीडियो कॉल पर बात करवाई गई।
                 वही नौ अक्टूबर को संदीप लोधी जो कि हरियाणा में काम करते हैं जो लल्लू लोधी के परिचित हैं जिसके माध्यम से ग्राम बघवार तक लल्लू लोधी को  पहुंचाया गया वही घर पहुंचने के बाद परिजनों से मिलने पर लल्लू पटेल खुश है।और परिजन भी खुद है। हाला की पन्ना पुलिस इस घटनाक्रम को लेकर बेहद सम्बेदनसील है।ओर लल्लू पटेल की जानकारियां जुटा रही है।

 

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