पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान में स्थित धार्मिक तीर्थस्थलों को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न


महावीर अग्रवाल
मंदसौर  १७ सितम्बर ;अभी तक;  सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विदेशों में बसे धार्मिक स्थलों को लेकर प्रश्न किया। सांसद गुप्ता ने कहां कि सरकार ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश सहित अन्य देशों में किन तीर्थ स्थल और मंदिरों को चिन्हित किया है । और तीर्थ यात्रियों द्वारा इन स्थलों की तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं या उठाए जा रहे है। यहीं नहीं सांसद गुप्ता ने इन मंदिरों की स्थिति पर भी चिंता जाहीर करते हुए सवाल किया। उन्होने कहां कि यदि यहां यात्रा होती है तो वर्तमान में इन देशों में तीर्थ स्थलों और मंदिरों की क्या स्थिति है और जाने की स्थिति क्या है।
               इस प्रश्न के जवाब पर विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन ने बताया कि सरकार ने भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक स्थलों की यात्रा के संबंध में 1974 प्रोटोकॉल के तहत तीर्थयात्रा के लिए पाकिस्तान में 15 धार्मिक स्थलों को चिन्हित किया है। इन तीर्थस्थलों का ब्यौरा अनुबंध में दिया गया है। पाकिस्तान में इन 15 तीर्थस्थलों का रखरखाव पाकिस्तान सरकार के इवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड, द्वारा किया जाता है। भारत सरकार पाकिस्तान में इन धार्मिक स्थलों में भारतीय तीर्थयात्रियों की निर्विघ्न यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान स्थित अपने उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तान प्राधिकारियों के साथ समन्वय करती है। इन तीर्थस्थलों पर तीर्थ यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक पूजा स्थलों में तोड़फोड़ करने तथा उन्हें अपवित्र करने संबंधी रिपोर्ट सरकार की जानकारी में आई हैं। हाल में, 26 जनवरी 2020 को सिंध में माता रानी भटियाणी मंदिर, 03 जनवरी 2020 को श्री ननकाना साहिब के पवित्र गुरूद्वारे तथा 18 जुलाई 2020 को मर्दन में गांधार शैली की बुद्ध प्रतिमा की तोड़फोड़ तथा उन्हें अपवित्र करने की रिपोर्टों के बाद सरकार ने इन निंदनीय कृत्यों की कड़ी भत्र्सना की है और पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों सहित उनके पूजा स्थलों की सुरक्षा, सलामती एवं कल्याण सुनिश्चित करें और अपराधियों को जल्द पकड़ कर उन्हें सजा दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाए। बांग्लादेश में ऐसे कई मंदिर हैं जहाँ भारत से भी तीर्थयात्री जाते हैं। इनमें से कई स्थान सदियों पुराने हैं और इन्हें बांग्लादेश सरकार द्वारा संरक्षित धरोहरध्पुरातात्विक स्थल घोषित कर दिया गया है। प्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर को बांग्लादेश का राष्ट्रीय मंदिर घोषित किया गया है।
              भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक स्थलों की यात्रा संबंधी 1974 प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तान में चिन्हित किए गए धार्मिक स्थल
1. हयात पिताफी में शदानी दरबार घोटकी सिंध
2. चकवाल, पंजाब में कटासराज धाम
3. ननकाना साहिब के गुरुद्वारे, पंजाब
4. गुरुद्वारा पंजा साहिब, हस्सन अब्दल, अट्टोक, पंजाब
5. महाराजा रणजीत सिंह जी की समाधि, लाहौर, पंजाब
6. गुरुद्वारा डेरा साहिब, लाहौर, पंजाब
7. गुरुद्वारा जन्म स्थान, ननकाना साहिब, पंजाब
8. गुरुद्वारा दीवान खाना, लाहौर, पंजाब
9. गुरुद्वारा शहीद गंज, सिधानियन, लाहौर, पंजाब
10. गुरुद्वारा भाई तारा सिंह, लाहौर, पंजाब
11. छटवें गुरु का गुरुद्वारा, मोजांग, लाहौर, पंजाब
12. गुरु राम दास का जन्म स्थान, लाहौर, पंजाब
13. गुरुद्वारा छवीन पद्शाही, मोजांग, लाहौर, पंजाब
14. हजरत दाता गंज बक्श की मजार लाहौर, पंजाब
15. साधु बेला, खानपुर और मीरपुर मथेलो, सिंध

 

 

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