पानी नहीं तो, बिल नहीं – सोमिल नाहटा

महावीर अग्रवाल

मंदसौर २५ जून ;अभी तक;  मंदसौर की भौंली जनता को पेयजल योजनाओं के नाम पर बार – बार गुमराह कर धोखा दिया जा रहा है। पहले 35 करोड़ रूपये की लागत से बना कालाभाटा बांध और अब 52 करोड़ रूपये की चम्बल पेयजल योजना का फैल होना कोई छोटी बात नहीं लेकिन इससे भाजपा के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। अब आम जन को ही एक्शन में आने की जरूरत है।

उक्त बात कहते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सोमिल नाहटा ने बताया कि लगभग 85 करोड़ रूपये पेयजल योजनाओं के नाम पर पानी में बहा दिये गये इतनी बड़ी लागत खर्च होने के बाद भी आज मंदसौर पानी को तरस रहा है। वादा एक दिन में दो बार पानी देने का था और रूपये भी उसी हिसाब से मंदसौर वासियों से वसूले जा रहे है लेकिन अब पानी एक दिन में दो बार तो ठीक दो दिन में बार भी ठीक से नहीं दिया जा रहा है। श्री नाहटा ने कहा कि करोड़ों की इतनी योजनाओं के फैल हो जाने के बाद एक बात तो स्पष्ट है कि इससे भाजपा के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता फर्क पड़ता है तो नगर की जनता को। मेरा नगर की जनता से आव्ह्ान है कि पानी नहीं तो बिल का पैसा नहीं मुहिम शुरू करना होगी। श्री नाहटा ने कहा कि इसके लिए राजनीति से उपर उठकर सभी सामाजिक संगठनों, आम मंदसौर वासी उस हर व्यक्ति को आगे आने की जरूरत है जिसने शिवना सौन्दर्यकरण और चम्बल के पानी का सपना संजोंया था सभी लोगांें से मेरा निवेदन है कि ऐसी व्यवस्था खिलाफ आवाज को बुलंद करना होगा और इसकी शुरूआत कि जाना चाहिए पानी नहीं हो तो बिल नहीं से।

जिम्मेदारों से यह मांग है कि जलकर को कम किया जायें जो जलकर चार वर्ष पूर्व था उसे ही लागू किया जायें और चम्बल पानी के पानी के नाम पर पिछले चार सालों से जो जलकर की वसूली आमजनता से की गई है उसे आगे के बिलों में समायोजित किया जायें।
श्री नाहटा ने कहा कि अब नगर की जनता को जागकर एक जनआंदोलन खड़ा करना होगा तभी इस तरह से योजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार और पैसों की बर्बादी बंद हो सकेंगी।