पाॅक्सो एक्ट के आरोपियों के जमानत आवेदन निरस्त 

3:52 pm or June 30, 2020
रवि शर्मा
भिंड ३० जून ;अभी तक; न्यायालय –    षष्टम अपर सत्र न्यायाधीष जिला भिण्ड ने पाॅक्सो एक्ट के आरोपियों के जमानत आवेदन निरस्तकर दिए हैं .
जनसंपर्क अधिकारी चंबल संभाग इन्द्रेश कुमार प्रधान द्वारा बताया गया कि घटना दिनांक 05.08.2019 केशडायरी के अनुसार अभियोजन का मामला यह है कि अवयस्क अभियोक्त्री दिनांक 07.10.2019 को अपनी नानी के यहाॅ भिण्ड आयी थ। दिनांक 10.10.2019 को शब्बीर की बहन सद्दो ने अभ्यिोक्त्री को अपने घर बुलाया। इकबाल ने अभियोक्त्री से कहा कि तुम शब्बीर के साथ चले जाओ, तो अभियोक्त्री ने जाने से मना कर दिया। इकबाल ने अभ्यिोक्त्री के घर के लोगों को जान से मारने की धमकी दी, जिससे अभियोक्त्री डर गयी। अभियोक्त्री को शब्बीर, बसीर, आजाद, शहजाद, सद्दो, का पति सेंगर अभ्यिोक्त्री को ग्वालियर ले गये और वहाॅ से दिल्ली ले गये और दिल्ली में अभियोक्त्री एवं शब्बीर को किराये का कमरा दिलाकर वापिस आ गये। दिल्ली ने अभियोक्त्री शब्बीर के साथ 3-4 दिन रूकी, फिर शहजाद ने फोन करके ग्वालियर बुला लिया। ग्वालियर में इकबाल, पप्पन, बसीम, शहजाद और पप्पू ने अभ्यिोक्त्री व शब्बीर का विवाह मस्जिद में करा दिया। शब्बीर ने दिल्ली में अभ्यिोक्त्री के साथ कई बार बलात्कार किया, जिस कारण अभियोक्त्री गर्भवती हो गयी। दिनांक 09.06.2020 को शब्बीर के घरवालों ने अभियोक्त्री व शब्बीर के कोक दिल्ली से गोहद बुलाया और फिर गोहद में शब्बीर के घरवाले आये और शब्बीर को अपने साथ ले गये। अभियोक्त्री के चले जाने पर अभियोक्त्री के पिता ने थाना कोतवाली भिण्ड में रिपोर्ट की, जो आरक्षी केन्द्र सिटी कोतवाली जिला भिण्ड के अपराध क्र0 589/2019 धारा 363 भा0दं0सं0 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गयी।
                   अभियुक्तगण ने गिरफ्तारी से बचने के लिए धारा 438 दं0प्र0सं0 का आवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से आवेदन का विरोध करते हुए मामला गंभीर प्रकृति का होना तथा धारा 438(4) में हुए संशोधन के अनुसार अग्रिम जमानत के प्रावधान लागू न होना बताया गया। जिस पर विश्वास करते हुये। माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण के जमानत आवेदन निरस्त किये गये।
जनसंपर्क अधिकारी चंबल संभाग इन्द्रेश कुमार प्रधान द्वारा बताया गया कि एक अन्य प्रकरण में घटना दिनांक 05.04.2020 को सुबह करीब 9 बजे अभियोक्त्री आयु लगभग 13 वर्ष अपने घरन के तिवारे में झाड़ू लगा रही थी, तभी आरोपी आशीष और जितेन्द्र सिंह घर में घुस आये और बाहर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। अभियोक्त्री के माता-पिता और दोनों भाई सरसों काटने गये थे। अभियोक्त्री घर पर अकेली थी और अभियोक्त्री के साथ दोनों ने सामूहिक बलात्संग किया। अभियोक्त्री के चिल्लाने पर अभियोक्त्री के चाचा के लड़के और ताउ के लड़के आ गये। डर के कारण दिनांक 07.04.2020 को घटना की रिपोर्ट थाना गोरमी में की, जो आरक्षी केन्द्र गोरमी जिला भिण्ड के अपराध क्र0 55/2020 धारा-354,451 सहपठित धारा-34 भा0दं0सं0 एवं धारा 7/8 पाॅक्सो एक्ट के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गयी। विवेचना के दौरान धारा 376(2)(आई, 376डी भा0दं0सं0 एवं धारा 5/6 पाॅक्सो एक्ट का इजाफा किया गया।
  आवेदक की ओर से नियमित जमानत हेतु सक्षम न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया। सक्षम न्यायालय द्वारा आवेदक का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। जिस पर आवेदक द्वारा माननीय सत्र न्यायालय के समक्ष आवेदन अंतर्गत धारा 439 दं0प्र0सं0 जमानत हेतु प्रस्तुत किया गया।
माननीय सत्र न्यायालय के समक्ष वीडियोकाॅलिंग के माध्यम से अभियोजन द्वारा आरोपी के जमानत आवेदन पुरजोर का विरोध करते हुये अपराध की गंभीरता का वर्णन किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों एवं गम्भीरता को दृष्टिगत रखते हुए आवेदक का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।

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