पिछले एक साल में मिले 4704 मरीज, अपै्रल माह में मिले 4570 संक्रमित

मयंक भार्गव

बैतूल एक मई ;अभी तक; ;  जिले में कोरोना संक्रमण के 13 महीने में अपै्रल माह पिछले 12 महीने पर भारी पड़ा। गत वर्श अपै्रल से मार्च माह तक 12 महीने में कुल 4 हजार 704 कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। जबकि कोरोना की दूसरी लहर में इस साल अकेले अपै्रल माह के 30 दिनों में ही 4570 कोरोना मरीज मिले है। अपै्रल माह में प्रतिदिन औसत 152.33 मरीज मिले है। जिससे जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 9 हजार 274 हो गई है। अपै्रल माह में वैसे तो कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की लगभग 4 सैकड़ा से अधिक मौत हुई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई अधिकृत जानकारी में भी अपै्रल माह में मौत का आंकड़ा 51 हो गया है। जिले में 9 अपै्रल से लॉकडाउन लगाने के बावजूद 30 दिन में 4570 मरीज मिलना जिले के लिए चिंता की बात है।
शुक्रवार मिले 183 संक्रमित, 194 हुए डिस्चार्ज

अपै्रल माह के अंतिम दिन शुक्रवार को जिले में 183 कोरोना संक्रमित मरीज मिले है। इसके बाद जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 9274 हो गई है। शुक्रवार को मिले कुल संक्रमितों में बैतूल शहर में मात्र 15 मरीज ही मिले है वहीं सेहरा में कोई मरीज नहीं मिला है। जबकि महाराष्ट्र बार्डर से लगे आठनेर में 30, पट्टन में 22, मुलताई में सर्वाधिक 45, शाहपुर में 20, घोड़ाडोंगरी में 05, भीमपुर में 11, भैंसदेही में 07, चिचोली में 08, आमला में 20 कोरोना मरीज मिले है। शुक्रवार को जिले में 194 कोरोना मरीज ठीक हुए है। इसके बाद जिले में अब तक 7516 कोरोना मरीज ठीक हो चुके है।
एक साल में मिले थे 4704 संक्रमित

जिले में कोरोना संक्रमण की दस्तक पिछले साल 6 अपै्रल को हुई थी। 6 अपै्रल में भैंसदेही में जिले का पहला मरीज मिला था। इसके बाद 31 मार्च 2021 तक एक साल में जिले में 4704 कोरोना मरीज मिले थे। इनमें से सर्वाधिक 1132 कोरोना मरीज सितंबर माह में मिले थे। इसके अतिरिक्त 11 महीने में कभी भी मरीजों की संख्या एक हजार के आंकड़े तक नहीं पहुंची थी। लेकिन 1 अपै्रल से 30 अपै्रल तक मात्र 30 दिनों में ही कई बार सर्वाधिक मरीज मिलने का नया रिकार्ड मिला। इस दौरान 24 घंटे में सर्वाधिक 312 मरीजों का नया रिकार्ड भी बना। पूरे माह में 4570 नए कोरोना मरीज मिले है।
अपै्रल माह में हुई 51 मौत

जिले में कोरोना से पहली अधिकृत मौत जुलाई माह में हुई थी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़े में 31 मार्च तक कोरोना से जिले में 82 मौत हुई थी। जिसमें सर्वाधिक 31 मौत सितंबर माह में हुई थी। लेकिन अपै्रल माह में प्रतिदिन शमशाम घाट में 15 से 20 शवों का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकाल के तहत किया गया। अपै्रल में कोरोना संक्रमित और संदिग्धों की मौत का आंकड़ा 4 सैकड़ा से अधिक है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपै्रल माह में 51 लोगों की कोरोना से मौत होने की अधिकृत जानकारी दी गई। यदि जिलेवासी अभी भी सतर्क नहीं हुए तो मई माह में इससे भी अधिक भयावह स्थिति हो सकती है।