पीएम आवास स्वीकृत होने के बाद भी झोपड़ी, कच्च्े मकानों में रह रहे ग्रामीण

महावीर अग्रवाल

बैतूल २७ अक्टूबर ;अभी तक;  जनपद पंचायत आठनेर की ग्राम पंचायत रजोला के दस ग्रामीणों के प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने के बाद वे झोपड़ी एवं कच्चे मकानों में रहने को मजबूर है। क्योंकि जनपद पंचायत आठनेर के तात्कालीन कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रवीण गायकवाड़ ने सहायक लेखा अधिकारी मनरेगा, पीएम आवास प्रभारी, ग्राम पंचायत रजोला के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक एवं मेट से मिली भगत कर पीएम आवास पोर्टल पर आवास निर्माण पूर्ण बताकर हितग्राहियों की बजाये लगभग दो दर्जन लोगों के बैंक एकाउंट में आवास निर्माण एवं मजदूरी की लगभग 12 लाख 80 हजार रूपए जमा कर हड़प लिये। पीएम आवास पोर्टल के माध्यम से की गई ऑनलाईन धोखाधड़ी के चलते किसी भी हितग्राही का पीएम आवास नहीं बन पाया है। उक्त मामले को लेकर दैनिक राष्ट्रीय जनादेश में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेकर नर्मदापुरम संभागायुक्त रजनीश श्रीवास्तव द्वारा दिये जांच के निर्देश के बाद जनपद पंचायत आठनेर के अधिकारियों की टीम ने गहन जांच पड़ताल कर जांच प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ बैतूल के समक्ष प्रस्तुत किया था। जिला पंचायत सीईओ अभिलाष मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिये है।

फर्जी जियो टैग कर अन्य लोगों के खातों में जमा की राशि

ग्राम पंचायत रजोला में प्रधानमंत्री आवास योजना में हर स्तर पर ऑनलाईन धोखाधड़ी की गई है। रजोला पंचायत अंतर्गत 2017-18 में स्वीकृत 10 पीएम आवासों के चरणबद्ध निर्माण कार्य की फोटो फर्जी जियो टैग कर निर्माण कार्यो की राशि किश्तों में हितग्राहियों की बजाये अन्य लोगों के बैंक खातों में जमा की गई। पीएम आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर आवास निर्माण के पूर्व का फोटो पीएम आवास पोर्टल पर जियो टैग कर हितग्राही को बतौर पहली किश्तो 25 हजार रूपए बैंक खाते में जमा कर प्रदाय की जाती है। उसके बाद आवास निर्माण के प्रगति की फोटो ग्राम रोजगार सहायक/ पंचायत सचिव द्वारा पीएम आवास पोर्टल में जिओ टैग करने के बाद 40 हजार, 20 हजार एवं 15 हजार रूपए की तीन किश्तें हितग्राहियों के खाते में जमा की जाती है। ग्राम पंचायत रजोला में 10 हितग्राहियों का पीएम आवास निर्माण हुए बगैर फर्जी फोटो जियो टैग कर आवास निर्माण की राशि अन्य लोगों के बैंक खातों में जमा की गई। जांच में यह खुलासा हुआ कि ग्राम पंचायत रजोला के सभी 10 हितग्राहियों के स्वीकृत आवासों के निर्माण के पूर्व से लेकर आवास निर्माण पूर्ण होने तक की जिओ टैग की गई सभी फोटो की लोकेशन तात्कालीन कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रवीण गायकवाड़ के गृहग्राम बरखेड़ की है। जिससे साफ जाहिर होता है कि ग्राम पंचायत के सचिव/ ग्राम रोजगार सहायक की मिलीभगत से कम्प्यूटर आपॅरेटर ने आवास निर्माण की फर्जी फोटो जियो टैग कर सहायक लेखा अधिकारी एवं जनपद सीईओ के डिजिटल सिग्नेचर से पीएम आवास निर्माण की राशि अन्य लोगों के बैंक खातों में जमा की गई थी। ऑनलाईन धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए पोर्टल पर हितग्राहियों के एकाउंट नंबर की बजाये अन्य लोगों के बैंक एकाउंट नंबर की एंट्री की गई थी।

आवास निर्माण के बगैर जारी किये मस्टर

मप्र शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार समय- समय होने वाली जियो टेगिंग एवं निर्माण कार्य का प्रगति के आधार पर मजदूरी के लिए मस्टर जारी किये जाते है। परंतु ग्राम पंचायत रजोला में 10 पीएम आवासों का निर्माण कार्य शुरू हुए बिना बाकायदा मस्टर रोल जारी कर 18 ग्रामीणों द्वारा मजदूरी करना दर्शाकर उनके बैंक खातों में मजदूरी के लगभग 95 हजार रूपए जमा किये गये। पीएम आवास का निर्माण हुए बिना मस्टर रोल जारी करने एवं मजदूरी की राशि का ऑनलाईन भुगतान कर किये गये फर्जीवाड़े में ग्राम पंचायत के सचिव, ग्राम रोजगार सहायक एवं सहायक लेखा अधिकारी (मनरेगा) जनपद पंचायत आठनेर की सीधे तौर पर संलिप्तता सामने आयी है।