*पीडिता के मानव अधिकारों का हनन हुआ* *राज्य शासन बीस हजार रूपये एक माह में भुगतान करें*

7:23 pm or September 23, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर , भोपाल  २३ सितम्बर ;अभी तक;  मप्र मानव अधिकार आयोग ने जबलपुर जिले के एक मामले में आवेदक की पत्नी श्रीमती सुदामा तिवारी के मानव अधिकारों का हनन होना पाया। इस पर आयोग ने राज्य शासन को पीडिता को बीस हजार रूपये क्षतिपूर्ति राशि एक माह में भुगतान करने को कहा है।
                               आयोग ने यह भी कहा है कि पेंशनर को हायर ट्रीटमेंट सेंटर या शासकीय अस्पताल द्वारा प्रिस्क्राइब्ड दवा/औषधि यदि मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ काॅरपोरेशन लिमिटेड में एमपी औषधि पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हो पाती हैं, तो नियमानुसार उसे स्थानीय बाजार से क्रय कर मरीज को कम से कम अवधि में उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। बजट के अभाव के कारण पेंशनर के इलाज व उपचार में रूकावट न आये, इस हेतु राज्य शासन अपने वैधानिक दायित्व अन्तर्गत शासकीय अस्पतालों में पर्याप्त बजट उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जायेे।
                             मप्र मानव अधिकार आयोग ने *प्रकरण क्र. 0096/जबलपुर/2021* में यह अनुशंसा की है। इस मामले में पीडिता के पति (आवेदक) श्री रामनरेश तिवारी ने आयोग में आवेदन लगाया था कि उसे 16 हजार रूपये पेंशन मिलती है। उसकी पत्नी सुदाम तिवारी का ओपन हार्ट सर्जरी में वाॅल्व बदला गया था। मई 2020 में दो और वाॅल्व खराब हो गये। इलाज मेडिकल काॅलेज/सुपर स्पेशिलिस्ट में चल रहा है। इन्होंने जो दवाईयों की सूची दी है, वे अस्पताल में नहीं मिल रहीं। इससे उन्हें कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ रहा है। पत्नी के इलाज के लिये उन्हें अत्यंत आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्हें न्याय दिलाया जाये। आवेदन मिलते ही आयोग ने मामला दर्जकर अधीक्षक, मेडिकल काॅलेज जबलपुर से प्रतिवेदन मांगा। आयोग द्वारा मामले की निरंतर सुनवाई की गई। अंततः यह अंतिम अनुशंसायें की गयी हैं।