पुलिस आरक्षक चयन में रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन न होने से वंचित करने को चुनौती

7:12 pm or June 11, 2022
सिद्धार्थ पांडेय
जबलपुर ११ जून ;अभी तक;  पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन न होने के आधार पर अभ्यार्थियों को भर्ती से वंचित किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिसमें 13 जून को सुनवाई होगी।
                            यह मामला अभिषेक पटेल की ओर से हाईकोर्ट में दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि मप्र पुलिस आरक्षक 2020 की भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण अर्थात शारीरिक परीक्षण (फिजिकल परीक्षा) का आयोजन दिनांक 2 जून से 29 जून 2022 निर्धारित किया गया हैद्ध जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा मे उत्तीर्ण हो चुके है, उनके दस्तावेज़ सत्यापन के रौरान जिंनका रोजगार पंजीयन एक्सपायर हो चुका है या जो नवीनीकरण नही करा पाए है। उनको बिना किसी लिखित आदेश के बाहर किया जा रहा है, जबकि अन्य जिलो में उक्त अभ्यर्थीयों से अंडरटेकिंग लेकर फिजीकल परीक्षा में शामिल कर लिया गया है। छटवी वाहिनी राँझी जबलपुर में चल रही द्वितीय चरण की परीक्षा में जिला  की चयन समिति ने कई अभ्यर्थीयों को रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन के आभाव में बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। याचिका में आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश है की किसी भी अभ्यर्थी को रोजगार पंजीयन के आभाव में चयन से बंचित नही किया जा सकता, फिर भी चयन समिति मनमाने रूप से जबलपुर परीक्षा केंद्र में सैकड़ो अभ्यर्थीयों को बिना किसी लिखित आदेश के बाहर किया जा रहा है। मध्य प्रदेश से बाहर के राज्यो के अभ्यर्थीयों से रोजगार पंजीयन नही मांगा जा रहा है एवं अन्य जिलो में भी कई अभ्यर्थीयों से लिखित में अंडर टेकिंग लेकर परीक्षा में शामिल किया जा रहा है। मामले में जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।