पुलिस के नोटिस के खिलाफ सांसद और आईजी से मिले पत्रकार

मयंक भार्गव
बैतूल १२ जून ;अभी तक;  जिला मुख्यालय से प्रकाशित सांध्य दैनिक समाचार पत्र सांझवीर टाइम्स के संपादक पंकज सोनी को पुलिस विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। इस मामले को लेकर जिला मुख्यालय के पत्रकारों ने सांसद डीडी उइके और बैतूल आए आईजी जितेंद्र सिंह कुशवाह से मुलाकात कर मामले की शिकायत की और पुलिस के रवैये पर सख्त नाराजगी जताई।
इसलिए पुलिस ने दिया था नोटिस
सांसद श्री उइके और आईजी श्री कुशवाह को सौंपे ज्ञापन में पत्रकारों ने बताया है कि श्री सोनी द्वारा अपने समाचार पत्र में 4 और 7 जून को जनचर्चाओं पर आधारित कॉलम ‘गुफ्तगूÓ में 2 समाचार प्रकाशित किए थे। इस पर शाहपुर एसडीओपी महेंद्र सिंह मीणा द्वारा उन्हें 9 जून को नोटिस जारी कर विभाग के एक आरक्षक के जरिए शाम 5 बजे तामिल करवाया गया और उसी दिन बैतूल से 35 किलोमीटर दूर शाहपुर आकर बयान देने को बाध्य किया गया। अगले दिन 10 जून को एसडीओपी द्वारा सुबह 11.30 बजे मोबाइल पर काल कर तुंरत पुलिस कंट्रोल रूम आकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया।
दबाव बना रहे थे एसडीओपी
श्री सोनी ने जब बयान देने के लिए बाध्य न होने की बात कही तो एसडीओपी उसी दिन शाम तक बयान देने के लिए आने का दबाव बनाते रहे जबकि सुप्रीम कोर्ट और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पत्रकारों से खबरों का स्रोत नहीं पूछा जा सकता। इसके साथ ही पुलिस नोटिस भी नहीं दे सकती, लेकिन गॉसिप पर पुलिस ने दबाव बनाने के लिए सीधे 2 नोटिस जारी कर दबाव बनाने की कोशिश की। ऐसी परिस्थितियों और दबाव में पत्रकार स्वतंत्र और निष्पक्ष होकर कार्य नहीं कर सकते।
बोले आईजी पुलिस-मीडिया के बीच रहे सौहार्द
    इस संबंध में आईजी श्री कुशवाह ने पत्रकारों से चर्चा कर स्पष्ट किया कि संभवत: समाचार के संबंध में अधिक जानकारी लेकर संबंधितों पर कार्यवाही करने के लिए नोटिस दिया होगा। इसके साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों (पत्रकारों एवं पुलिस अधीक्षक) को आपस में चर्चा कर पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर सौहार्दपूर्ण माहौल में कार्य करने की सलाह भी दी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने भी स्पष्ट किया कि उक्त समाचार के संबंध में विस्तार से जानकारी लेने के लिए ही बुलवाया गया था ताकि समुचित कार्यवाही की जा सके।
सांसद निवास भी पहुंचे पत्रकार
आईजी से सर्किट हाउस में चर्चा के बाद पत्रकार सांसद निवास पर पहुंचे और सांसद श्री उइके को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। पत्रकारों ने यह जानकारी भी उन्हें दी कि पुलिस द्वारा इस तरह दबाव बनाए जाने से की स्थिति में पत्रकार निष्पक्ष तरीके से कार्य नहीं कर पाएंगे। सांसद श्री उइके ने पत्रकारों की पूरी बात गंभीरता से सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराएंगे ताकि भविष्य में पत्रकार साथियों को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।
ज्ञापन सौंपते समय यह थे मौजूद
आईजी और सांसद को ज्ञापन सौंपते समय पत्रकार रामकिशोर पंवार, अनिल सिंह ठाकुर, इरशाद हिंदुस्तानी, विनय वर्मा, संजय पप्पी शुक्ला, आनंद सोनी, पंकज सोनी, अकील अहमद, राजेश भाटिया, उत्तम मालवीय, लक्ष्मीनारायण साहू, अशोक मालवी, घनश्याम राठौर, देवेंद्र कारंदे, सुनील पलेरिया, नंदकिशोर पंवार, गौरी बालापुरे, सत्येंद्रसिंह परिहार, नवल वर्मा, अनिल वर्मा, रिशु नायडू, रूपेश मंसूरे, उमाकांत शर्मा, सचिन जैन, अमित पंवार, अरूण सूर्यवंशी, अमिताभ तिवारी, शशांक सोनकपुरिया, सूर्यदीप त्रिवेदी, ज्ञानू लोखंडे, मेहफूज खान, उमाकांत शर्मा,  वाजिद खान, राज कवडकऱ, सुनील पलेरिया, राजू धोटे, हिमांशु वंजारे, सुनील अतुलकर  सहित अन्य पत्रकार उपस्थित थे।