पुलिस फोर्स पर पत्थरबाजी करने वाले 03 आरोपीयों को 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / मनासा ३० दिसंबर ;अभी तक;  श्री मनीष पाण्डेय्, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा पुलिस फोर्स पर पत्थरबाजी कर वाहनों में नुकसान कर व गंभीर चोट पहुंचाते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वाले 03 आरोपीगण (1) भीमसिंह उर्फ भीमा पिता उदा बंजारा, उम्र-40 वर्ष, (2) गोपाल पिता मांगीलाल बंजारा, उम्र-39 वर्ष व (3) दलसिंह उर्फ दल्ला पिता भावसिंह बंजारा, उम्र-45 वर्ष, तीनों निवासीगण-ग्राम सावनकुण्ड, जिला नीमच को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 325/34, 353, 427 के अंतर्गत 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 1100-1100रू. जुर्माने से दण्डित किया।
श्री विवेक कुमार गोयल, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना 8 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 02.10.2013 को रात्रि के लगभग 10ः30 बजे ग्राम सावनकुण्ड की हैं। थाना मनासा में पदस्थ फरियादी आरक्षक प्रकाश सिनम, एएसआई के.एल. दयमा, प्र.आर विरेन्द्र सिंह, आर. सरदारसिंह, आर. रूद्रप्रतापसिंह, आर. जितेन्द्रसिंह, व आर. अचित्र मय 02 शासकीय मोबाईल वाहन के थाना मनासा के एक अपराध में आरोपी भीमसिंह बंजारा की तलाश में ग्राम सावनकुण्ड गए तो वहां पर भीमा पुलिस वाहन को देखकर भागने लगा। जब उसका पीछा किया गया तो वहां पर अन्य 02 आरोपीगण गोपाल व दलसिंह आ गये और उन्होंने पत्थर फैक कर दोनों पुलिस वाहनों पर हमला कर दिया, जिस कारण वाहनों के कांच फुट गये व एक पत्थर चालक सूरज के जबडे पर लगा, जिस कारण उसका जबड़ा टूट गया। मौके से आरोपीगण फरार हो गये फिर वापस आकर थाना मनासा में आरोपीगण के विरूद्ध अपराध क्रमांक 400/13, धारा 325/34, 427, 353 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान आरोपीगण को गिरफ्तार कर व विवेचना पूर्ण अभियोग पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में पुलिस फोर्स के सदस्यों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर आरोपीगण द्वारा पत्थरबाजी कर वाहनों में नुकसान कर व गंभीर चोट पहुंचाते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के अपराध को प्रमाणित कराकर आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया। माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को धारा 325/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास व 500-500 रूपये जुर्माना, धारा 427 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 06-06 माह का सश्रम कारावास व 300-300 रूपये जुर्माना व धारा 353 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 06-06 माह का सश्रम कारावास व 300-300 रूपये जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री विवेक कुमार गोयल, एडीपीओ द्वारा की गई।