पेंशनर महासंघ ने अपना स्थापना दिवस मनाया

4:49 pm or October 3, 2020
पेंशनर महासंघ ने अपना स्थापना दिवस मनाया
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ३ अक्टूबर ;अभी तक; सेवानिवृत्त पेंशनर महासंघ जिला मंदसौर की स्थापना 2 अक्टूबर 1990 में स्व. श्री दौलतराम पटेल ने संगठन, सेवा एवं संघर्ष के उद्देश्यों को लेकर की जिसमें सेवानिवृत्त पेंशनर एवं वरिष्ठ नागरिकों के हितों को प्रभावित करने वाले कारकों का समावेश किया गया। संगठन सिर्फ वेतन भत्तों की ही बात नहीं करता, इसमें राष्ट्रहित, सुदीर्घ एवं सुखी जीवन जीने पर जोर दिया है, अतः वर्तमान में ‘कोरोना‘ परिपेक्ष्य में 5 प्रतिशत डीए और 27 एवं 32 माह के एरियर से भी अधिक महत्वपूर्ण है। अपने आपको बचाना हम सभी उम्र दराज होकर ‘कोरोना’ के हाई रिस्क जोन में आते हैं। इसलिये इस बात को समझें कि ‘‘अनमोल जिन्दगी है यही का बचाए राखो’’।
              उक्त विचार महासंघ के स्थापना दिवस के अवसर पर श्री मोहनलाल आजाद (संस्थापक सदस्य) के मुख्य आतिथ्य श्री शिवनारायण व्यास पटवारी के विशेष आतिथ्य एवं डॉ. श्रीमती सुषमा सेठिया के सानिध्य तथा महासंघ जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित महासंघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में जिला सचिव नन्दकिशोर राठौर ने व्यक्त किये।
                  इस अवसर पर संगठन सचिव मोहनलाल गुप्ता ने महासंघ के स्थापना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महासंघ जिले का एक मात्र पंजीकृत संगठन है जिसकी नगर में 15 मोहल्ला इकाईयां तथा जिले में 25 ग्रामीण इकाईयां है जिनकी प्रतिमाह बैठके होती है जिसमें वरिष्ठ नागरिक सक्रिय भूमिका निभाते है। श्री त्रिपाठी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि, महासंघ अपने स्थापना के उद्देश्यों को पूर्ण करते हुए सदस्यों की कठिनाईयों को हल करने का प्रयास करता है। संगठन अपने ‘‘आम बुढ़ापा पेंशन चाहता’’ के मूल विचार के अनुरूप प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को 5000 रू. प्रतिमाह की मांग पर आज भी कायम है। सरकार से इस दिशा में प्रयास करते हुए नर सेवा-नारायण सेवा के सिद्धांत पर कार्य कर रहा है।
                 इस अवसर पर डॉ. दिनेश तिवारी, अजीजउल्लाह खान, कन्हैयालाल सोनगरा, पारस जैन ने भी अपने  विचार रखे। कार्यक्रम में सस्था के संस्थापक सदस्य मोहनलाल आजाद का सम्मान, नरेन्द्र कुमार शर्मा, बंशीलाल सेठिया, रमेशचन्द्र सोनी, गिरीश ढमढरे, लक्ष्मीनारायण ओझा, रहिम बेग, के.सी. टेलर, लक्ष्मीनारायण आंजना, कोमलचन्द्र वाणवार, अशोक शक्तावत, मनोहरसिंह सिसौदिया, किशनदास चौहान, गोविन्ददास पारिख, विष्णुलाल भदानिया, निरंजन भारद्वाज, मांगीलाल शुक्ला, अशोक बोराना नारायणगढ़, सत्यनारायण पंचारिया ने शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला से किया। कार्यक्रम का संचालन मोहनलाल गुप्ता ने किया एवं आभार नरेन्द्रसिंह  राणावत ने माना

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