पेंशनर महासंघ ने वरिष्ठों का सम्मान कर मनाया स्थापना दिवस

महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर 3 अक्टूबर अभी तक   वरिष्ठजन परिवार के सचेतक हैं जो नई पीढ़ी को अतीत से जोड़ते है तो भविष्य की चुनौतियों को समझाते हुए वर्तमान में जीना सीखाते है, क्योंकि जिन पीढ़ियों ने अतीत से सीखा नहीं भविष्य को भांपा नहीं वे समाप्त हो गई। इसलिये परिवार में वरिष्ठों को समुचित सम्मान मिलना चाहिए। पेंशनर महासंघ वरिष्ठजनों का सम्मान कर यह परम्परा निभा रहा, यह एक सुखद सच है।
            उक्त विचार शासकीय महाविद्यालय मंदसौर के प्राचार्य रविन्द्र सोहनी ने मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त एवं पेंशनर महासंघ के स्थापना दिवस पर पूर्व सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री मदनलाल राठौर के मुख्य आतिथ्य, समाजसेवी हिम्मत डांगी के विशेष आतिथ्य, पूर्व न्यायाधीश श्री सतीश भार्गव एवं शिक्षाविद् रमेशचन्द्र चन्द्रे के सानिध्य में आयोजित समारोह में व्यक्त किये।
                इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते श्री मदनलाल राठौर ने कहा कि, वरिष्ठजनों के पास अनुभव का अनमोल खजाना होता है, वरिष्ठों का जीवन अर्क केसमान होता है जो किसी भी समस्या को सुलझाने में राम बाण की तरह कार्य करता है। श्री हिम्मत डांगी ने कहा कि श्री दौलतराम पटेल द्वारा लगाया गया यह पौधा आज वट वृक्ष हो गया है, जिसकी छाया में सामाजिक सरोकार से जुड़ कार्यक्रम हो रहे है। यह पहला संगठन है जो वेतन भत्तों से पहले राष्ट्र हित, सुखी जीवन तथा सुदीर्घ जीवन की बात करता है।
             श्री रमेशचन्द्र चन्द्रे ने कहा कि सभी का सहयोग संगठन को मजबूत बनाता है, वहीं कार्यकर्ता की दूसरी लाईन भी तैयार करते रहना चाहिए ताकि संगठन की निरन्तरता बनी रहे।
             कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों के भारत माता एवं सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन तथा मोहनलाल गुप्ता के संगठन गीत ‘‘जीवन में कुछ पाना हो तो मन के मारे मत बैठो’’ से हुई। अतिथि परिचय एवं स्वागत भाषण अध्यक्ष श्रवण कुमार त्रिपाठी ने दिया। अतिथियों का स्वागत चन्द्रकला सेठिया, शकुन्तला चौहान, अभय भटेवरा, भगवानदास बैरागी, परमानन्द धाकड़, देवीलाल सेठिया, अशोकसिंह शक्तावत, रामचन्द्रसिंह सिसौदिया, करणसिंह चौहान, मांगीलाल शुक्ला, निरंजन भारद्वाज, राजेन्द्र पाठक, नरेन्द्रसिंह राणावत, अम्बालाल चन्द्रावत, कोमल वाणवार, सतीश शर्मा, लक्ष्मीनारायण आंजना, देवकीनंदन पालरिया, घनश्याम व्यास, डॉ. दिनेश तिवारी, शिवनारायण व्यास, निरंजन पोरवाल, सुरेश कुलकर्णी आदि ने किया।
अतिथियों ने संगठन को मंडी व्यापारी प्रदीप मीणा द्वारा प्रदाय सौजन्य राशी से बद्रीलाल पाटीदार रिछालालमुहां, मांगीलाल पोरवाल, कन्हैयालाल भूत पिपलियामंडी, रामचन्द्र जामलिया पिपलियामंडी, भेरूलाल देहरिया नाहरगढ़, डी.पी. मिश्रा गरोठ, गोविन्द वैशम्पाई, गणेशराम आर्य, श्यामलाल व्यास, जयंतीलाल नीमा, लक्ष्मीनारायण सोनी तथा पूर्व न्यायाधीश सतीशचन्द्र भार्गव मंदसौर का सम्मान शाल, श्रीफल एवं मोतियों की माला से किया। साथ ही संगठन में सदस्यता संख्या बढ़ाने पर पिपल्या, भानपुरा, नाहरगढ़ इकाई को प्रथम, गीता भवन मंदसौर को द्वितीय तथा किटीयानी मंदसौर एवं भैंसोदा इकाई को तृतीय, शेष आठ इकाई लदूना, गरोठ, मोहनलाल गुप्ता मंदसौर, नारायणगढ़, करजू, भावगढ़, दलौदा, सीतामऊ, इकाई के अध्यक्ष/सचिव को क्रमशः 500, 300, 250 तथा 200 रू. सांत्वना पुरस्कार हेतु नगद राशि दी गई।
कार्यक्रम का संचालन सचिव नन्दकिशोर राठौर ने किया। आभार अजीजउल्लाह खान ने माना। स्वागत सहयोग कन्हैयालाल सोनगरा ने किया।