पेड न्यूज दल, वीवीटी, लेखा दल, नोडल व्यय दल का प्रशिक्षण संपन्न

7:45 pm or June 14, 2022
महावीर अग्रवाल
मंदसौर 14 जून ;अभी तक;  स्थानीय निर्वाचन के संबंध में नगर पालिका एवं नगर परिषद के पार्षद के व्यय लेखों का रिकॉर्ड रखने के लिए पैड न्यूज दल, वीवीटी, लेखा दल, नोडल व्यय दल का प्रशिक्षण कलेक्टर सभागार में प्रशिक्षण के नोडल डॉ एके जैन द्वारा दिया गया। इस दौरान अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आरपी वर्मा द्वारा कहा गया कि व्यय लेखा दल अभ्यर्थी के व्यय खाते का मिलान जरूर करें। नगरपालिका पार्षद की व्यय सीमा ढाई लाख रुपये निर्धारित की गई है। नगर परिषद के पार्षद की देखी व्यय सीमा 75000 रुपए तय की गई है। इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें कि अभ्यर्थी निर्वाचन रजिस्टर निर्धारित दिवस पर निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करें। सभी अभ्यर्थी के खर्चे मतगणना तक जुड़ेंगे। इस दौरान व्यय लेखा के नोडल अधिकारी श्री विजय सिंह नरेटी सहित व्यय लेखा के सभी कर्मचारी मौजूद थे।
पेड़ न्यूज दल पेड न्‍यूज खबरों पर रखे पैनी नजर
किसी राजनैतिक दल या अभ्यर्थियों की आतिशयोक्ति पूर्ण प्रशंसा व उपलब्धियों से जुडे़ समाचार को एक जैसी भाषा में एक से अधिक बार प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रकाशित या प्रसारित करना। ऐसा समाचार जो पढ़ने और सुनने में किसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थियों की एक तरफा या एक पक्षीय चुनावी टिप्पणी करें। ऐसा कोई समाचार / टिप्पणी / रिपोर्टिंग जिससे किसी राजनैतिक दल या अभ्यर्थियों के पक्ष में जीत की संभावना व्यक्त की गई हो। इलेक्ट्रॉनिक न्यूज़ चैनल पर 30 मिनिट के समाचार अवधि में 15 मिनीट से अधिक किसी एक राजनीतिक दल या अभ्यर्थी के बारे में बताया जाए। जबकि अन्य अन्य दलों एवं अभ्यर्थियों के समाचारों को कम प्रसारित करना। समाचार पत्र में एक ही दल की चुनावी गतिविधियों को विस्तार से प्रकाशित करना तथा अन्य दल के चुनावी समाचारों को सीमित स्थान देना। किसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थियों या किसी के व्यक्तिगत जीवन के बारे में अशोभनीय टिप्पणी, एक तरफा आलोचना या टिप्पणी करना। किसी राजनैतिक दल अभ्यर्थी के पक्ष में एक जैसे समाचार एक से अधिक अखबारों में प्रकाशित करना। किसी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी के पक्ष में समाचार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा बार – बार प्रसारित किया जाना। इलेक्ट्रॉनिक न्यूज़ चैनल पर ऐसी कोई परिचर्चा या परिसंवाद का प्रसारण किया जाना, जिससे किस राजनीतिक दल या अभ्यर्थी के बारे में एकतरफा माहौल निर्मित हो। किसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी के बारे में उसका अतिशयोक्ति पूर्ण जीवन परिचय प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रकाशित एवं प्रसारित किया जाना। यह परिचय विज्ञापन के अतिरिक्त नहीं होना चाहिए।
इस तरह के समाचार पेड न्यूज़ की श्रेणी में नहीं आएंगे
सार्वजनिक रूप से आयोजित कोई राजनैतिक गतिविधि जो समाचार के रूप में प्रसारित/प्रकाशित करने योग्य हो। जैसे नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने का समाचार, राजनैतिक पार्टी की आम सभा, रैली या नुक्कड सभा के सामान्य समाचार, स्टार प्रचारक की आम सभा के समाचार, राजनैतिक दलों द्वारा जारी चुनावी कार्यक्रम के सामान्य समाचार, पत्रकार या रिपोर्टर द्वारा चुनावी माहोल की निष्पक्ष रिपोर्टिग / टिप्पणी, सभी राजनैतिक दलो की गतिविधियों के सामान्य समाचार, सभी अभ्यर्थियों के दौरा कार्यक्रम की सामान्य सूचनात्मक जानकारी, किसी अखबार विशेष या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की रिपोर्ट को एक ही बार प्रकाशित एवं प्रसारित करना बार-बार दोहराना नहीं, स्टार प्रचारक अथवा उम्मीदवार से सामान्य साक्षात्कार, चुनावी मुददो पर अराजनैतिक व्यक्तियों, बुद्धिजीवी वर्ग की परिचर्चा/ परिसंवाद या अन्य कोई कार्यक्रम या आलेख जिसमें किसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थियों के पक्ष या विपक्ष में किसी भी प्रकार का सकारात्मक या नकारात्मक वातावरण निर्मित नहीं होना चाहिए।
उम्मीदवार को नोटिस जारी करना
समाचार पत्र में अगर पेड न्यूज़ है तो 96 घंटे के भीतर उम्मीदवार को नोटिस आर ओ जारी करेगा। नोटिस जारी करने के पश्चात उम्मीदवार को 48 घंटे के अंदर जवाब देना होता है। अगर 48 घंटे के अंदर उम्मीदवार का कोई जवाब नहीं आया तो संबंधित पेड न्यूज को उम्मीदवार के खर्चे में जोड़ लिया जाएगा। जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटी फाइनल निर्णय कर देगी अगर उम्मीदवार जिला स्तरीय एमसीएमसी के निर्णय से असंतुष्ट होता है तो राज्य स्तरीय एमसीएमसी समिति( संयुक्त सीईओ वाली एमसीएमसी समिति )को 24 घंटे के अंदर उम्मीदवार को अपील कर सकता है। जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति उम्मीदवार की अपील का 96 घंटे के भीतर निपटान करेगी तथा उम्मीदवार के साथ – साथ एक प्रति जिला एमसीएमसी समिति को भी देगी। अगर उम्मीदवार जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति के निर्णय से असंतुष्ट होता है तो वह 48 घंटे के भीतर इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया को अपील कर सकता है।
निरन्‍तर पेज 2 पर
पेड न्यूज मामले का निर्णय
       इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया पेड न्यूज के मामले का निर्णय के लिए दो संस्थाओं को पहुंचाती है। प्रेस से जुड़े हुए मामलों को (पीसीआई) प्रेस काउंसिल आफ इंडिया को भेजती है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े हुए मामलों को (एनबीएसए) नेशनल ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी को भेजती है।
विज्ञापन पर प्रकाशक व मुद्रक का नाम
      आरपी एक्ट 1957 की धारा 127 A में यह प्रावधान है कि निर्वाचन विज्ञापन हेतु प्रिंट किए जाने वाली पंपलेट, हैंड बिल, पोस्टर या अदर डॉक्यूमेंट में प्रकाशक और मुद्रका नाम एवं पता अंकित होना अनिवार्य है। उल्लंघन होने पर 2 वर्ष का कारावास अथवा ₹2000 जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाने का प्रावधान है।
प्रिंट मीडिया में अनुमति के बिना विज्ञापन पर दंड
प्रिंट मीडिया में विज्ञापन (विज्ञापन हेतु अभ्यर्थी की अनुमति है तो निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा यदि सहमति नहीं है तो 171 H (आईपीसी) के तहत प्रकाशक के विरुद्ध अभियोजन किया जा सकता है) भारतीय दंड संहिता की धारा 171 H के अनुसार चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी की अनुमति के बिना विज्ञापनो पर किया जाने वाले व्यय निषेध है।
बिना प्रमाणीकरण की विज्ञापन पर दंड
प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया राजनीतिक विज्ञापनों को बिना प्रमाणीकरण के प्रकाशित नहीं कर सकती है। केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम 1995 के अंतर्गत अधिनियम के प्रावधान किसी भी केबल ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन किए जाने पर अधिनियम की धारा 12 के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में उपकरण जप्त करने के लिए प्रदान करती है इसी प्रकार अधिनियम की धारा 13 उपकरण जप्त और सजा का प्रावधान है।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर मतदान के आखिरी 48 घंटे की अवधि के दौरान रोक
आरपी अधिनियम 1951 धारा 126 किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के समापन के आखिरी 48 घंटे की अवधि के दौरान टेलीविजन या इसी तरह के उपकरण के माध्यम से किसी भी चुनाव मामले को प्रदेश करने पर रोक लगाती हैं धारा 126 के उपयुक्त प्रावधानों का उल्लंघन पर 2 साल की अवधि कारावास या दंड या दोनों हो सकते हैं।