पैतृक गांव मावता में हुआ शहीद जवान लोकेश कुमावत का अंतिम संस्कार

8:11 pm or December 3, 2021

अरुण त्रिपाठी 

रतलाम,3 दिसंबर,अभीतक  | सेना की ड्यूटी के दौरान मणिपुर के इंफाल में शहीद हुए रतलाम जिले के जवान लोकेश कुमावत का शुक्रवार को पैतृक गांव मावता में अंतिम संस्कार किया गया। इंदौर से आर्मी के वाहन में रेजीमेंट के साथियों के साथ शहीद का शव शुक्रवार सुबह जावरा पहुंचा। सर्किट हाउस में कुछ देर पार्थिव देह अंतिम दर्शनों के लिए रखी गई।
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, एसपी गौरव तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी। बाद में शहीद का शव उनके गृह ग्राम मावता ले जाया गया। मावता सहित आसपास के कई गांव के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। अंतिम यात्रा के दौरान  ग्रामीण पीछे पीछे जयकारे लगाते हुए चलते रहे। अंतिम संस्कार गांव के मुक्तिधाम पर किया गया।
इससे पहले शहीद जवान की मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं होने और उन्हें शहीद का दर्जा नहीं दिए जाने पर  शव यात्रा को घर पर रोका भी गया। प्रशासन ने रेजीमेंट की महू यूनिट से संपर्क साधकर परिवार की बात करवाई। इसके बाद अंतिम यात्रा निकली|
गौरतलब है कि रतलाम जिले की पिपलौदा तहसील के मावता गांव निवासी 22 वर्षीय लोकेश कुमावत के गोली लगने से शहीद होने की खबर गुरुवार को परिजनों को मिली थी। लोकेश का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान से नहीं किए जाने की जानकारी मिली, तो उनके परिजन और ग्रामीण नाराज हो गए थे । शव लेकर पहुंचे सेना के अधिकारियों ने पुलिस द्वारा मामले की जाँच होने की जानकारी दी।
गौरतलब है कि रतलाम जिले की पिपलौदा तहसील के मावता गांव निवासी 22 वर्षीय लोकेश कुमावत के गोली लगने से शहीद होने की खबर गुरुवार को परिजनों को मिली थी। लोकेश का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान से नहीं किए जाने की जानकारी मिली, तो उनके परिजन और ग्रामीण नाराज हो गए थे । शव लेकर पहुंचे सेना के अधिकारियों ने पुलिस द्वारा मामले की जाँच होने की जानकारी दी। एसडीएम हिमाँशु प्रजापति ने बताया की इंफाल में पुलिस और सेना की संयुक्त जाँच चल रही है |