प्रतियोगिता में लोक नृत्य की प्रस्तुति से छात्राओं ने समां बांधा

5:59 pm or November 5, 2022
मोहम्मद सईद
शहडोल 5 नवंबर ; अभी तक ; शासकीय आवासीय कन्या छात्रावास कंचनपुर में आयोजित मध्य प्रदेश गौरव दिवस के अंतर्गत शनिवार को लोक नृत्य एवं जननायक पर केंद्रित प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सबसे है निराले हैं हम एमपी वाले, जाना जाना रे सुआ उड़ी जाना रे सुआ, एकल गान, लोक नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की अद्भुत एवं आकर्षित प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में शासकीय आवासीय शिक्षा परिसर शहडोल, शासकीय आवासीय छात्रावास कंचनपुर, शासकीय आवासीय विद्यालय विचारपुर और ज्ञानोदय शासकीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देख कर समा बांध दिया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त विभाग के कला पथक दलों द्वारा नशा मुक्ति, मध्य प्रदेश गान एवं देशभक्ति जैसे गीतों की प्रस्तुति देकर मौजूद दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया।
                              इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक जयसिंहनगर जयसिंह मरावी ने कहा कि बच्चे हमारे देश की धरोहर है। बेटे-बेटियाँ प्रसन्न-सुखी रहें, प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर हों और जीवन में सफलता अर्जित करें, यही मेरी कामना और हमारे जीवन की सार्थकता है।
                                 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा ने कहा कि हमारा जिला जनजातीय प्रमुख जिला है, हमारे जिले के जनजातीय बच्चे आज लोक नृत्य, चित्रकला, संवाद, श्लोक, खेल, पढ़ाई तथा अन्य क्षेत्रों में अपना तथा जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। हमारे बच्चे भारत के भविष्य हैं, भारत की धरोहर हैं और भारत की मूल्य सभ्यता के जीते जागते उदाहरण हैं।
                              डीपीसी डॉ. मदन कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी जीवन को मनुष्य के जीवन की आधारशिला कहा जाता है। इस समय वह जिन गुणों को अपनाता है, वही आगे चलकर चरित्र का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि एक आदर्श विद्यार्थी वह है, जो परिश्रम और लगन से अध्ययन करता है तथा सद्‌गुणों को अपनाकर स्वयं का ही नहीं, अपितु अपने माँ-बाप व विद्यालय का नाम ऊँचा करता है।
                                उप संचालक सामाजिक न्याय शिवेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि हमारा देश भारत एक अनूठी सांस्कृतिक, कला और परंपराओं का देश है। यह कला और संस्कृति प्राचीन काल से हमारी परंपरा रही है, जो आज तक प्रचलन में हैं। दुनिया के अन्य देशों से आने वाले पर्यटक हमारी कला और संस्कृति को देखकर बहुत ही मोहित होते हैं। हमारा देश भारत एक अनूठी सांस्कृतिक, कला और परंपराओं का देश है। हम सभी अनेकों त्योहारों और कलाओं को एकजुट होकर मनाते हैं।
                            कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी फूलचंद मरपाची, सहायक संचालक शिक्षा ओ.पी. निगम, प्राचार्य शासकीय आवासीय छात्रावास कंचनपुर रणजीत सिंह, प्राचार्य कन्या शिक्षा परिसर बुढार वर्षा दुबे, प्राचार्य कन्या शिक्षा परिसर चुनिया श्रीमती प्रीति सहाय, प्राचार्य रघुराज हायर सेकेंडरी स्कूल श्रीमती आभा त्रिपाठी, श्रीमती तृप्ति राय सिन्हा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जनजाति कार्य विभाग के राजेंद्र तिवारी ने किया।