प्रधानमंत्री को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए : कांग्रेस

राजेंद्र तिवारी

जगदलपुर १७ सितम्बर ;अभी तक;  छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि केंद्र सरकार का यह बयान स्वीकार्य नहीं है कि लॉकडाउन के दौरान घर लौटते ग़रीब मज़दूरों की मौतों का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ग़ैरज़िम्मेदाराना रवैये के लिए देश से माफी मांगनी चाहिये।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि जिस समय मज़दूर पैदल घर लौटने को मजबूर हुए उस समय देश में आपदा प्रबंधन क़ानून लागू था और केंद्र सरकार हर फ़ैसले ख़ुद ले रही थी। करोड़ों लोगों का रोज़गार छिन गया और आज सरकार कह रही है कि उसके पास कोई जानकारी नहीं है। अगर नरेंद्र मोदी जी ने बिना सोच विचार किए लॉकडाउन न किया होता और समय रहते एयरपोर्ट को सील कर दिया होता तो आज देश कोरोना की ऐसी भयावह मार न झेल रहा होता।

श्री दुबे ने आगे कहा है कि यह पहला मौक़ा नहीं है जब नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐसा बर्दाश्त न होने वाला झूठ बोला है। इससे पहले नोटबंदी में भी सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को बैंकों के सामने कतार में खड़ा कर दिया और सैकड़ों लोगों की जानें गईं। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 50 दिन में सब कुछ ठीक न हुआ तो फांसी चढ़ा देना। लेकिन नोटबंदी केेेे बाद स्थिति बिगड़ती चली जा रही है । सबसे जटिल और निरर्थक जीएसटी लागू करके मोदी जी ने देश के मंझोले और छोटे उद्योग और कारोबार की कमर तोड़ कर रख दी है। यही वजह है कि कोरोना के बाद देश की अर्थव्यवस्था 40 प्रतिशत तक सिकुड़ गई । उन्होंने कहा है कि ऐसा लगने लगा है कि नरेंद्र मोदी ‘अच्छे दिन’ का वादा करके देशवासियों को सबसे बुरे दिन दिखा रहे हैं।

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