प्रभु पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ ने हर्षाेल्लास के साथ मनाया

6:43 pm or August 5, 2022
महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर ५ अगस्त ;अभी तक;  श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ द्वारा 23वें तीर्थंकर प्रभु पार्श्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर दो दिवसीय आयोजन कर हर्षोल्लास के साथ  मनाया गया। महोत्सव पर  आयोजन परम पूज्य वरिष्ठ आचार्य श्री यशोभद्रसुरीश्वर जी महाराजा, आचार्य श्री पीयूषभद्रसुरीश्वर जी म.सा., मुनिराज चंद्रशेखर विजयजी म.सा., साध्वी श्री भद्रपूर्णाश्रीजी, साध्वी श्री विमलप्रभाश्रीजी, साध्वी श्री मुक्तिनिलयश्रीजी, साध्वी मोक्षज्योतिश्रीजी, साध्वी श्री अमितपूर्णाश्रीजी आदि ठाणा के सानिध्य में आयोजित हुए।
                       प्रथम दिवस मंदसौर नगर के सभी जिनालयों में एवं सभी इच्छित स्थानों पर श्रीसंघ द्वारा प्रभु पार्श्वनाथ के जाप का आयोजन किया गया। द्वितीय दिवस 5 अगस्त 2022 को प्रातः श्रेयांशनाथ मंदिर पर श्रीसंघ की नवकारसी हुई। उसके पश्चात प्रभु पार्श्वनाथ जी की भव्य रथ यात्रा प्रारंभ हुई जो श्रेयांशनाथ मंदिर से होते हुए सहस्त्रफना पार्श्वनाथ मंदिर पहुंची । वहां पर निर्वाण कल्याणक का लड्डू चढ़ाया गया एवं प्रभु जी की आरती उतारी गई। जिसका लाभ श्री शांतिलाल लोढ़ा परिवार ने लिया। उसके पश्चात जुलूस संजय गांधी उद्यान पहुंचा। रथयात्रा में मंदसौर नगर के विभिन्न संघों के रथ सम्मिलित हुए। जिसमे जनकूपुरा श्रीसंघ, शहर श्रीसंघ आराधना भवन श्रीसंघ, पोरवाल मंदिर श्रीसंघ आदि मंदिरों के रथ सम्मिलित हुए। रथ यात्रा में सभी  महिला मंडल अपने अपने गणवेश में शामिल हुए। जिसमें प्रथम पुरस्कार सूर्य महिला मंडल आराधना भवन को मिला एवं अन्य सभी महिला मंडल को सांत्वना पुरस्कार लाभार्थी परिवार द्वारा दिया गया। रथयात्रा संजय गांधी उद्यान पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुई। जिसमें पूज्य आचार्य भगवंत द्वारा मंगलाचरण कर धर्मसभा की शुरुआत की। तत्पश्चात मूर्तिपूजक श्री संघ के संयोजक श्री सुरेंद्र लोढ़ा द्वारा उद्बोधन दिया गया। उसके पश्चात नवकारसी स्वधर्मी वरघोड़े के लाभार्थी श्रीमान शांतिलाल लोढ़ा परिवार का बहुमान मूर्तिपूजक संघ के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। इस दौरान वाडिल नायक आचार्य यशोभद्रसूरीजी के संग सौभाग्य तिलक महोत्सव के कार्यक्रम की पत्रिका का शुभ मुहूर्त में लेखन कार्य संपन्न हुआ। जिसमें आराधना भवन श्रीसंघ ट्रस्ट द्वारा पत्रिका लेखन किया गया। आचार्य पियुषभद्र सुरिश्वरजी द्वारा संग सौभाग्य तिलक पदवी क्या होती है उसके बारे में सभी श्रीसंघ को बताया गया। कार्यक्रम का संचालन मूर्तिपूजक संघ के महामंत्री यश बाफना द्वारा किया गया एवं आभार मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष श्री शांतिलाल लोढ़ा द्वारा माना गया। धर्मसभा के पश्चात समस्त श्रीसंघ का स्वामीवात्सल्य रखा गया। जिसके लाभार्थी श्री शांतिलाल लोढ़ा परिवार थे।
                    इस अवसर पर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा, संयोजक सुरेन्द्र लोढ़ा, महामंत्री अनिल धींग, यश बाफना, समन्वयक विरेन्द्र भण्डारी, कोषाध्यक्ष प्रवीण संघवी, कमलेश सालेचा एवं गजेन्द्र हिंगड़, कमल कोठारी, हस्तीमल नाहर, संजय मुरड़िया, प्रतीक डोसी, संदीप धींग, निर्मल सुराणा, रमेश डालर, अजीतकुमार लोढ़ा, राकेश जैन, शांतिलाल पोखरना, हिम्मत लोढ़ा, प्रदीप लोढ़ा, सुरेश चौरड़िया, विनोद पोरवाल, राजेन्द्र कोठारी, प्रदीप पोरवाल, विरेन्द्र डोसी, दिलीप डांगी, श्रेयांश हिंगड़, दिलीप रांका,  अभय पोखरना, सुनील बाफना, दिलीप लोढ़ा, दिलीप संघवी, कपिल भण्डारी, नवीन सकलेचा, संजय दक, प्रदीप संघवी, शैलेन्द्र भण्डारी, विकास भण्डारी, शरद धींग, देवेन्द्र कुमार चपरोत, मनीष कर्नावट , प्रतीक चण्डालिया, जयेश डांगी महेश  जैन तहलका सहित बड़ी संख्या मंे समाजजन उपस्थित थे।