प्रेस विरूद्ध प्रशासन की जंग में बिना पडताल के राजनैतिक दिग्गजो का टवीट्।

मयंक शर्मा
खण्डवा ४ जून ;अभी तक;  ’खण्डवा के कोविड हॉस्पिटल मंे जीवित मरीजों की आह और मुर्दाे की वाह’’ शीर्षक से सोशल मीडिया में भ्रामक एवं तथ्यों से परे खबरे छापने को लेकर मेडिकल कालेज की टीम के ं सभी चिकित्सकों ने  इस प्रकार की झूठी खबरों की घोर निंदा की है । वहीं प्रशासन से मांग की है कि ऐसी खबरो को प्रकाशित करने के विरूद्ध उचित कार्यवाही की जाये।मांग करने  वालों मे मेडिकल कालेज के डीन डाॅ अंनत पवार भी शामिल है।
                    जिले में प्रेस विरूद्ध प्रशासन के बीच चल रही लंबी खेंीचतान के बाद द्वय पक्ष ऐसी गलियारे की तलाश में होते है कि मोेका मिले और हमला किया जाये। प्रेस का एक गुट कलेक्टर अंनत द्विवेदी के खिलाफ मोर्चा खोले हुये है। अब ताजे मामले मेें प्रशासन पर दबाब बनाया जा रहा है कि निराधार खबरो को लेकर कोविड अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया जाये।
                   मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अनंत पंवार ने बताया कि कई कोविड मरीजों से फिडबैक में  रेखा बघेल द्वारा दिनांक 14 अप्रैल 2021 को लिया गया था।ं इसे आधार बनाकर सोशल मीडिया पर जारी भ्रामक खबर  2 जून 21 को जारी की गई। श्री पंवार ने कहा कि कोविड हॉस्पिटल में चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ द्वारा अपनी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन किया जा रहा है। ऐसे में  झूठी खबरों से चिकित्सकों का मनोबल गिराने का प्रयास किया जा रहा है जो निंदनीय है।
                  उन्होने कहा कि कोविड अस्पताल में भर्ती मराजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में डिस्ट्रिक्ट कोविड कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किये जाने के उददेश्यसे सात बिंदूओं पर भर्ती मरीजों से दूरभाष के द्वारा फिडबैक लिया जाता है। लेकिन इसके प्रतिकार में सोशल मिडिया पर जारी खबर में जिस पत्रक से जानकारी ली गई है वह ढाई माह पहले लिये गये फिडबैक का है।पत्रक मे उल्लेखित दस मरीजोें की जानकारी है।
                    जिले की कोविड खबरो को लेकर प्रदेश स्तर पर राजनीति गर्म होने  से  ट्वीट लेकर्र  कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरूण यादव के बुधवार को किए एक ट्वीट ं लिखा था कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक में प्रशासन द्वारा कोविड-19 के मरीजों की फीडबैक सूची में उन पांच मरीजों से फीडबैक लेना बताया गया, जिनकी मौत हो चुकी है। पूर्व सीएम दिग्गी राजा का ट्वीट सोशल मीडिया पर  वायरल हुआ।दिग्विजयसिंह ने  ट्वीट कर मुख्यमंत्री चैहान से अफसरों को दंडित करने की मांग कर डाली।
                     कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्याररोप की डिडी जंग से बैचेन होकर बुधवार शाम को खंडवा मेडिकल कॉलेज की ओर से दी गयी सफाई भरे  बयान में कहा गया-अस्पताल में भर्ती मरीजों से डाटा इंट्री ऑपरेटर व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव लेते हैं। इससे व्यवस्थाओं में सुधार होता है। एक साल से सतत ये क्रम जारी है। परिजनों से फीडबैक नहीं लेते है। फीडबैंक के बिदु मेें -अच्छा इलाज हुआ या समय पर ऑक्सीजन मिलने संबंधी सवाल और मरीजो के जबाब थे। चिकित्सालय का अ्रपेल का यही पत्रक जून में खबर को हिस्सा होने से कांग्रेस भाजपा के दिग्गजो में बबाल मचा गया।
                  ट्वीट में जारी सूची में जिन 10 मरीजों के नाम थे, उनमें से पांच की मौत हो चुकी थी ।इनमें मृतिका सरिता श्रीवास्तव के बेटे राहुल से बात की तो उन्होंने कहा- हमने मां को अस्पताल से डिस्चार्ज करवा लिया था। घर पर उनकी मौत हुई है। हमसे कोई फीडबैक नहीं लिया गया। मृतक प्रदीप मथुरालाल के बेटे सुदीप पहारे ने भी वही बात दोहराई। मृतक मांगीलाल बाबूलाल के बेटे विकास ने कहा- अस्पताल में सुबह 11 बजे कोई आता था और चेकअप करके चले जाता था। हमें सिर्फ इतना पता चलता था कि ब्लड सर्कुलेशन कितना है।
                   वहीं मृतक प्रेमचंद बाबूलाल निवासी इंदौर के बेटे उमेश कदम ने कहा-इंदौर में बैड नहीं मिल रहा था तो पिताजी को खंडवा में भर्ती करवाया गया था। ऑक्सीजन भी बराबर मिल रही थी। तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे। पिताजी के फेफड़ों में संक्रमण बढ़ने के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। बाद में उनकी मृत्यु हो गई। हमसे बराबर फीडबैक लिया गया।
                 इन्ही फीडबैक की खबरेों के बीच भ्रामक जानकारी देने के कथित आरोप के बीच गुरूवार को प्रतिकार में मेडिकल कालेज के डीन सहित चिकित्सक टीम मैदान में आई और खबरनवीश को कटघरे में खडा करते हुये कार्रवाही की मांग कर दी है। डीन श्री पंवार ने कहाकि कोविड कमांड सेंटर से  रोज बात होती है। सुविधाओं को लेकर मरीजों से बात होती है। परिजनों से नहीं। मरीज से मिले फीड बैक की हमें जानकारी आती है। जिससे हम अपनी व्यवस्थाओं में सुधार करते है।
                       उन्होने कहा कि जून में खबर का उपयोग किया गया है वह वास्तव मेें 14 अप्रैल को वार्ड में भर्ती मरीजों से सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच बात की गई थी। रेखा बघेल, फीडबैककर्ता, (कोविड कमांड सेंटर) ने मरीजों से बात करके ही फीड बैक फॉर्म भरा था। खबर में प्रशासन मुखिया अनय द्विवेदी के कथन का उल्लेख करते हुये कहा कि ं प्रबंधन व डॉक्टर्स द्वारा भ्रामक खबर फैलाए जाने के संबंध में शिकायत की गई है।जीएमसी ने प्रतिवेदन सौंपकर कहा है कि भर्ती मरीजों का रेंडम फीडबैक  डिस्ट्रिक्ट कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में  लिया जाता है। इससे व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सुझाव प्राप्त होते हैं।