प्रोफेसर ईरवार पीएचडी अवार्ड से अलंकृत, राज्यपाल ने प्रदान की पीएचडी शोध उपाधि

5:51 pm or March 11, 2021
प्रोफेसर ईरवार पीएचडी अवार्ड से अलंकृत राज्यपाल ने प्रदान की पीएचडी शोध उपाधि
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ११ मार्च ;अभी तक;  राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंदसौर में पदस्थ प्रोफेसर शांतिलाल ईरवार को पीएचडी अवार्ड से अलंकृत किया गया है। आपने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से ‘‘स्लेट पेंसिल उद्योग का अर्थव्यवस्था एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव का भौगोलिक अध्ययन’’ विषय पर माधव कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. विक्रम वर्मा के सानिध्य में शोध कार्य पूर्ण किया। प्रोफेसर ईरवार को उज्जैन में आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शोध कार्य पूर्ण करने पर उपाधि प्रदान की गई।
                 प्रोफेसर शांतिलाल ईरवार की इस उपलब्धि पर म.प्र. अपाक्स जिला शाखा मंदसौर जिलाध्यक्ष चेतनदास गनछेड़ के नेतृत्व में सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सी.एल. खिंची, विशेष अतिथि उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य पृथ्वीराज परमार, प्राध्यापक डॉ. वी.पी. तिवारी, डाइट प्राचार्य एवं राजपत्रित अधिकारी संघ जिला सचिव डॉ. प्रमोद सेठिया, एमएलबी प्राचार्य सुमलसिंह निगवाल उपस्थित थे।
              मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. खिंची  ने कहा कि इस प्रकार के शोध कार्य समाज के हित में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते है। मैं आशा करता हूॅ कि श्री ईरवार भविष्य में अपने आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करते रहेंगे। श्री परमार ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य की सराहना की एवं संदेश दिया कि शिक्षा जगत में बुद्धिजीवियों को भी समाज हित में बढ़चढ़कर ऐसे कार्य करते रहना चाहिए।
अपाक्स जिलाध्यक्ष श्री गनछेड़ ने बताया कि हमारे प्रांतीय अध्यक्ष भुवनेश कुमार पटेल ने अपने संदेश में कहा कि विशेष प्रतिभावान व्यक्तियों का सम्मान अपाक्स संगठन हमेशा करते रहेगा एवं श्री गनछेड़ ने कहा कि मैैं भी इसी क्षेत्र में पला बढ़ा हूॅ। इस उद्योग की विभिषिका को बचपन से देखता आया हूॅ। मेरे मनस्थिति में इस उद्योग में कार्यरत श्रमिकों के लिये कुछ करने की चाह थी जिसे श्री ईरवार ने अपने शोध कार्य में पूरा कर दिखाया है जो उनकी उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।
अपने स्वागत के प्रत्युत्तर में प्रो. ईरवार ने कहा कि स्लेट पेंसिल उद्योग पर किया शोध कार्य जोखिम भरा था। इस शोध से इस उद्योग में लगे श्रमिकों को शासन से बेहतर सुविधा प्रदान कर मूलभूत नीति बनाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर अपाक्स संगठन के उपाध्यक्ष डॉ. के.एल. कुमावत, सुभाष पंवार, आशाराम पंवार, जिला सचिव, सुभाष पाटीदार, कैलाश मिमरोठ महासचिव, अनिल दाहिमा, गोपाल सुनार्थी, राजकुमार सौलंकी, सतीश खेरालिया, राजेश परमार, नाथूलाल भारती, गणेशराम आर्य, ओमप्रकाश अहिरवार, दिनेश अहिरवार, रामेश्वर सौलंकी, चेनसिंह जमरा, अयाज खान, प्रो.वीणासिंह, आर.डी. जोशी, रवि तिवारी, के.आर.सूर्यवंशी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के अशोक शर्मा जिलाध्यक्ष म.प्र. तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, जे.पी. अहिरवार, संभागीय उपाध्यक्ष अजाक्स, डॉ. राजेश सकवार अध्यक्ष अजा अजजा प्राध्यापक संघ, डॉ. प्रेरणा मित्रा, महासचिव अजा/अजजा प्राध्यापक संघ, जीवन गोसर महासचिव अ.भा. वाल्मिकी महासभा, सत्यनारायण पाटीदार जिलाध्यक्ष म.प्र. स्वास्थ्य कर्म. संघ, दीपक माहेश्वरी जिलाध्यक्ष महाविद्यालयीन जन भागीदारी कर्म. संघ, चम्पालाल चौहान जिलाध्यक्ष, म.प्र. लघुवेतन कर्म. संघ, सतीश नागर जिलाध्यक्ष पेंशनर सघ, भगवती शर्मा अध्यक्ष, देवीलाल सुनार्थी उपाध्यक्ष राज्य अध्यापक संघ, भारतसिंह मंगोलिया जिलाध्यक्ष म.प्र. शिक्षक संघ, बालाराम सिसौदिया कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अपाक्स आदि ने भी श्री ईरवार का पुष्पमालाओं से स्वागत कर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष अनिल सांखला द्वारा किया गया तथा आभार अपाक्स कोषाध्यक्ष इंदरमल जाटव ने माना।

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