प्‍लाट की हेराफेरी करने वाले आरोपीगण का जमानत आवेदन निरस्‍त, भेजा जेल 

 इंदौर १५ अक्टूबर ;अभी तक; न्‍यायालय श्री भूपेन्‍द्र आर्य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रथम श्रेणी इंदौर  ने प्‍लाट की हेराफेरी करने वाले आरोपीगण का जमानत आवेदन निरस्‍त कर भेजा जेल
                     जिला अभियोजन अधिकारी मो. अकरम शेख द्वारा बताया गया कि, न्‍यायालय श्री भूपेन्‍द्र आर्य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रथम श्रेणी इंदौर के समक्ष थाना एमआइजी के अप.क्र.18/2020 धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भादवि में गिरफ्तारशुदा आरोपीगण नर्मदा प्रसाद , सुभाष कचौले, ओमप्रकाश को पेश किया गया एवं न्‍यायिक अभिरक्षा (जेल) भेजे जाने का निवेदन किया गया, उसी समय आरोपीगण द्वारा जमानत आवेदन प्रस्‍तुत किया गया और जमानत पर छोडे जाने का निवेदन किया गया। अभियोजन की ओर से एडीपीओ अमित गोयल द्वारा जमानत आवेदन का विरोध करते हुए तर्क रखे गए कि यदि आरोपी को छोडा गया तो उसके पुन: फरार होने की संभावना है एवं  अपराध गंभीर प्रकृति का है अत: आरोपीगण का जमानत आवेदन निरस्‍त किया जाना चाहिए। न्‍यायालय द्वारा तर्को से सहमत होते हुए आरोपीगणों का जमानत आवेदन निरस्‍त कर जेल भेजे जाने का आदेश दिया गया।
                    अभियोजन की कहानी संक्षेप में इस प्रकार है  कि फरियादी ने थाने आकर रिपोर्ट लेख कराई कि मेरे द्वारा एक प्‍लाट जिसका क्र.216 श्रीनगर कालोनी खजराना इंदौर में वर्ष 1971 में खरीदा गया था जो मेरी मालिकी एवं अधिपत्‍य का है मेरे द्वारा एक और प्‍लाट उसी कॉलोनी में जिसका क्र.215 था वर्ष 1978 में खरीदा जाकर रजिस्‍टर्ड करवाया गया था तब से लेकर आज तक उक्‍त संपत्ति मेरे कब्‍जे एंव मालिकी की है। उस समय के बाद से मेरे प्‍लाटो पर असामाजिक तत्‍वो द्वारा उसे फर्जी तरीके से खरीदी कर जाहिर सूचना दी गई जिसका मेरे द्वारा खंडन किया गया एवं शिकायते भी की गई।वर्ष 2015 में मुझे ज्ञात हुआ कि मेरा श्रीनगर कॉलोनी स्थित भूखंड क्र.216 व 215 को अनिल शर्मा द्वारा  अनाधिक़त रूप से फर्जी व कूटरचित दस्‍तावेज बनाकर जीतू सोनी उर्फ जितेन्‍द्र सोनी को विक्रय कर दिए है मेरे द्वारा अनिल शर्मा व उसके भाई बलराम शर्मा को उक्‍त संपत्ति को विक्रय करने के लिए अधिकृत नही किया गया है उक्‍त सभी आरोपीगणों द्वारा जानबूझकर आपस में संगमित होकर मेरी संपत्ति हडप ली है एवं मुझे गंभीर हानि पहुंचाई है जबकि मेरे द्वारा उक्‍त फर्जी विक्रय पर आपत्‍त्ति ली गई तो आरोपीगणों द्वारा उक्‍त कृत्‍य करने के के बाद मुझे व मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे है और कहते है कि प्‍लाट को लेकर कार्यवाही की तो तुम्‍हारी हालत खराब कर देगें तुम हमें जानते नही हो हम शहर के डॉन है। उक्‍त आरोपीगण के विरूद्ध रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही की जाएं उक्‍त रिपोर्ट पर से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

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