फर्जी अंक सूची से सरकारी नौकरी के आरोप मे सास भी सीखचों के पीेछे पहुंचीै, सास ने जला दी फर्जी अंकसूची,

मयंक शर्मा

खंडव १९ नवंबर ;अभी तक; फर्जी अंकसूची मामले में जेल में बंद आदिवासी  छात्रावास के पूर्व अधीक्षक व शिक्षक मोहनसिंह पिता कालू काजले निवासी रामनगर की सास भगवती बाई पति नंदलाल को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपी मोहन ने बताया था कि अंकसूची सास के पास रखी  है। आरोपी के कथन के बाद बुरहानपुर जिले के खकपार थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरी भोरवन निवासी महिला भगवतीबाई से पूछताछ की तो उसने अंकसूची को जला देने की बात कही। सभी साक्ष्य मिटाने के आरोप में पुलिस ने आरोपीकी सास भगवती को गिरफ्तार कर लिया है।

कोतवाली पुलिस ने सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग को आरोपी मोहनसिंह के प्रकरण पुलिस से लिखित सूचना मिलने के बाद विभाग प्रमुख ने निलंबित कर दिया है।

गौरतलब है कि आरोपी मोहनसिंह ने बीकॉम स्नातक वर्ष 2002 की फर्जी अंकसूची प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना बताकर शिक्षा विभाग खरगोन में अध्यापक वर्ग दो संवर्ग में 19 जून 2003 से 5 अगस्त 2013 तक शासकीय सेवा में पदस्थ रहकर आर्थिक लाभ कमाकर विभाग के साथ धोखाधड़ी की। यहां 10 साल तक नौकरी करने के बाद आरोपी ने 5 अगस्त 13 को स्वैच्छिक त्यागपत्र प्रस्तुत कर नौकरी छोड़ दी।

इसके  एक महीने बाद जनपद पंचायत खालवा में 8 जुलाई 13 को 12वीं कक्षा एवं बीए व डीएड की अंकसूची के माध्यम से चयनित होकर शिक्षक वर्ग-3 के पद पर नवीन नियुक्ति ले ली। वर्तमान में सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग में सहायक अध्यापक वर्ग-3 के पद पर पदस्थ था। आरोपी फिलहाल जेल में है। न्यायालय ने उसकी जमानत खारिज कर दी है।

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