फर्जी कंपनियों के नाम पर दवाईयों का कारोबार

1:34 pm or July 21, 2022

आनंद ताम्रकार

बालाघाट 21 जुलाई ;अभी तक;  औषधियों के निर्माण और उनकी मार्केटिंग का कारोबार बालाघाट जिले में लम्बे अरसे से चल रहा है।  औषधियों के कारोबार की वैधानिकता के संबंध में निरीक्षण का अधिकार औषधी प्रशासन को सौंपा गया है लेकिन औषधी निरीक्षक की सांठगांठ और उसके संरक्षण में किया जा रहा है। औषधियों की पैकिंग तथा गोलियों के पत्तों पर जो पता दर्शाया गया है वह संबंधित स्थान पर है ही नही।

                 इस बात का खुलासा दर्शाया गये पते पर भेजे गये पत्र की डिलीवरी ना होने तथा डाक विभाग द्वारा इस टीप के साथ पत्र लौटा दिया गया की तलाश किया गया प्राप्तकर्ता का पता नही चला।  डाक विभाग द्वारा प्राप्तकर्ता फर्म की तलाश दर्शाये गये निरंतर 4 दिनों तक की गई थी।

इन विसंगतियों के चलते यह स्पष्ट हो गया है की शिको फार्मा नामक औषधी निर्माण तथा मार्केटिंग करने वाली फर्म जिसका पता प्लाट नं.55, वल्लभ भाई पटेल वार्ड, सम्राट नगर 481331 दर्शाया गया है वह फर्जी है।

इस संबंध में उप संचालक खादय एवं औषधि प्रशासन बालाघाट द्वारा पत्र क्रमांक 121 दिनांक 26 मई 2022 के माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देते हुए यह जानकारी दी गई है की बालाघाट जिले में औषधि निर्माण करने वाली कोई इकाई नही है।

इस मामले से जुड़ी जानकारी औषधि प्रशासन जिला प्रशासन के संज्ञान में लाई गई तथा समाचारों के माध्यम से भी जन सामान्य में फर्जी फर्म द्वारा दवाईयों का निर्माण एवं उसकी मार्केटिंग किये जाने बाबत जानकारी प्रचारित की गई लेकिन इस संबंध में कोई जांच नहीं की गई। इस कारोबार में जो लोग संलिप्त है उनका सत्ता पक्ष से संबंध है और दबाव के चलते इस मामले की जांच करने में कोई आगे नही आना चाहता।
दवाईयों का निर्माण व मार्केटिंग नियम संगत है और दवाईयां मानक स्तर की है एवं दवाईयों के व्यवसाय किये जाने के लिए जो

कानूनी औपचारिकता पूर्ण किया जाना प्रतिबद्ध है तो फिर फर्जी पते पर निर्माण एवं मार्केटिंग का कारोबार कैसे किया जा रहा है। इस कंपनी के नाम पर जो औषधियां बिक्री की जा रही है उनके इस्तेमाल करने के बाद यदि कोई मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तो उस स्थिति में किसे जिम्मेदार ठहराया जायेगा?

प्रशासन फर्जी पते पर चल रही औषधी निर्माण और मार्केटिंग के कारोबार की संक्षम अधिकारी से जांच करवाये और फर्जी कारोबार पर अंकुश लगाया जाना जनहित एवं शासन हित में उचित होगा।