फर्जी रसीद के आधार पर प्लॉट विक्रय करने वाले आरोपी को 02 वर्ष कठोर कारावास की सजा

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / उज्जैन १० मार्च ;अभी तक;  न्यायालय श्रीमान अरविन्द रघुवंशी, अष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश महोदय, उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी हरीश पिता अशोक महेश्वरी, निवासी-इन्द्रप्रस्थ टॉवर निजातपुरा जिला उज्जैन को धारा 467, 468, 471 भादवि में आरोपी को 02 वर्ष का सश्रम कारावास और कुल 2,500/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
                    उप-संचालक (अभियोजन) डॉ0 साकेत व्यास ने अभियोजन घटना अनुसार बताया कि फरियादी विजय कुमार मित्तल द्वारा दिनांक 06.11.2014 को थाना नीलगंगा पर उपस्थित होकर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि मैं होटल मित्तल एवेन्यू को संचालित करता हूॅ, जो कि बालाजी इन्टरप्राइजेस फर्म के अंतर्गत संचालित होती है। दिनांक 05.01.2014 को अभियुक्त हरीश महेश्वरी द्वारा फोन कर फरियादी को बताया कि मैने ग्रेटर रतन एवेन्यू में एक प्लॉट खरीदा है एवं मैने उसका पूूरा पेमेंट कर दिया है। जिसकी रसीद मेरे पास है, मुझे 10 लाख रूपये की आवश्यकता है, वह रसीद ले ले, जब भी कहेगा, वह रजिस्ट्रªी करा देगा। फरियादी के कहने पर अभियुक्त एक घंटे बाद ही एक व्यक्ति के साथ आया और विजय कुमार को ग्र्रेटर रतन एवेन्यू भूूखण्ड रसीद दिखाकर कहा कि जब भी तुम कहोगे, रजिस्ट्री करा देगा तथा रसीद के माध्यम से रजिस्ट्री वह जब चाहे कर सकता है, क्योंकि रसीद से ही रजिस्ट्री होगी। फरियादी विजय कुमार द्वारा उस पर विश्वास करके रसीद लेख कर ले ली व उसे दस लाख रूपये का एक चैक एचडीएफसी बैंक का दिया। जिसकी राशि आरोपी के खाते में ट्रªंासफर हो गई। फरियादी विजय कुमार ने दो-तीन माह बाद जब अभियुक्त से रजिस्ट्रªी कराने को कहा तो उसके द्वारा टालमटूल की गई। फरियादी को शंका हुई तो वहा ग्रेटर रतन एवेन्यू के आफिस गया तो मालूम चला कि उक्त प्लाट की रजिस्ट्रªी श्रीमती संगीता जैन निवासी नयापुरा के नाम से हो गई है। तत्पश्चात् फरियादी ने आरोपी से बात की तो वहॉ बोला की मुझसे गलती हो गई है। मुझे रूपये की सख्त आवश्यकता थी तीन चार महीने में वह ब्याज सहित संपूर्ण राशि अदा कर देगा, तत्पश्चात् भी राशि आरोपी द्वारा वापस नही की गई एवं न ही प्लॉट की रजिस्ट्री की गई। फरियादी की रिपोर्ट पर से पुलिस थाना नीलगंगा द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर संपूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को दण्डित किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री मुकेश जैन, अपर लोक अभियोजक, जिला उज्जैन द्वारा की गई।

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