बक्सवाहा जंगल में हीरा खनन की अनुमति क्यों? एनजीटी ने 15 दिनों में सरकार से मांगा जवाब

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर २५ नवंबर ;अभी तक;  बक्सवाहा में हीरा खदान के लिये लाखों पेड़ काटे जाने को चुनौती देने वाले मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गंभीरता से लिया। एनजीटी के न्यायिक सदस्य शिवकुमार सिंग व एक्सपर्ट मेम्बर अरुण वर्मा की बेंच ने मामले में सरकार को 15 दिनों में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है। बेंच ने मामले में आवेदक को निर्देशित किया है वे  याचिका की प्रति व सम्बंधित दस्तावेज सरकार को प्रदान करें।

उल्लेखनीय है कि नागरिक उपभोक्ता मार्ग दर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे व रजत भार्गव ने बक्सवाहा जंगल में हीरा खनन की अनुमति दिये जाने को एनजीटी में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। जिस पर विगत 1 जुलाई 2021 को एनजीटी ने स्पष्ट निर्देश दिये थे कि जब तक फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलता, तब तक कोई भी पेड़ न काटा जाये, इसके साथ ही अनावेदकों को जवाब पेश करने के निर्देश दिये थे। मामले की सुनवाई दौरान आवेदकों की ओर से अधिवक्ता प्रभात यादव ने कहा कि मामले में वे कुछ और संबंधित दस्तावेज पेश करना चाहते है। जिस पर न्यायालय ने उक्त दस्तावेज सरकार को उपलब्ध कराने के साथ ही जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।

Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *