बनने से पहले ही उखड़ गया एनएच 30, हाईवे में लगा रहे थिगड़े, राहगीर हो रहे परेशान

3:07 pm or December 26, 2021

नारायणगंज से प्रहलाद कछवाहा

मंडला २६  दिसबंर  ;अभी तक;  नेशनल हाईवे 30 में बिना रूके सफर करने का इंतजार जिलेवासी कर रहे है, लेकिन इस करोड़ों की सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी होने के साथ गुणवत्ताविहीन मार्ग के कारण हादसे भी आए दिन हो रहे है। जगह-जगह मार्ग में गड्डे, क्रेक के कारण वाहन अनियंत्रित हो जाते है। जिससे हादसे का अंदेशा बना रहता है। एनएच 30 मार्ग निर्माण में इसकी गुणवत्ता को लेकर समझौता किया गया है। सड़क का कार्य जैसे तैसे कर पूर्ण किया जा रहा है। करीब छह वर्षों से सड़क निर्माण का कार्य जारी है जो अंतिम चरण में है। गुणवत्ताविहीन कार्य को छुपाने के लिए कंपनी द्वारा थिगड़े लगाए जा रहे है, जो हफ्ते, दो हफ्ते में दोबारा उखड़ रहे है।  फूलसागर पुल से लेकर कटरा बायपास तिराहा तक सड़क के हाल देखकर कोई भी बता सकता है कि सड़क कितनी गुणवत्ता से बनाई गई है। कदम कदम पर सड़क निर्माण में लापरवाही साफ देखी जा सकती है। वहीं नारायणगंज क्षेत्र में भी जगह-जगह चौड़ी दरारे, गड्डे राहगीरों की मुसीबत बन गए है। ग्राम कुम्हा क्षेत्र के हाईवे मार्ग में क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसका मरम्मत कार्य दोबारा कराया जा रहा है। एनएच 30 मार्ग निर्माण में इतने कम समय में मरम्मत कार्य होना इस मार्ग की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा है।

                             जानकारी अनुरसार एनएच 30 में मंडला जबलपुर मार्ग में उदयपुर मोइयानाला से कटरा मंडला तक  63.55 किमी के मार्ग निर्माण का ठेका जीडीसीएल कंपनी को दिया गया है। सड़क का निर्माण 251.64 लाख रूपये से किया जाना है। निर्माण कार्य का ठेका 10 अक्टूबर 2015 को दिया गया था। जिसमें निर्माण कार्य 09 जून 2017 को पूरा करना था। तय समय में निर्माण कार्य पूरा ना होने के बाद ठेका कंपनी को दिसंबर 2020 तक सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के लिए समय दिया गया, लेकिन इसके बाद भी ठेका कंपनी द्वारा इस मार्ग का निर्माण को पूरा नहीं कर सकी। निर्माण कार्य में धीमी गति और गुणवत्ताविहीन कार्य के कारण नेशनल हाईवे 30 छह वर्ष के बाद भी अधूरा और जान लेवा हो गया है। मंडला से जबलपुर मार्ग में जम्प से वाहन भी उछाल मार रहे है। जिससे हर समय हादसे का अंदेशा बना रहता है।

पुल में नहीं हुआ गुणवत्तायुक्त कार्य :

                           बता दे कि नेशनल हाईवे 30 में स्थित पुलों की मरम्मत का कार्य विगत माह किया गया था। इस मरम्मत कार्य में भी गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया है। पुल में लोहे की छड़ बिछा कर दोबारा मोटी परत का सीमेंटीकरण किया गया। लेकिन यह सीमेंटीकरण अब उखडऩे लगा है। पुल की हालत देखकर कोई नहीं कह सकता है कि इसमें मरम्मतीकरण कार्य हुआ है। पुल में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। पुल के जोड़ पर जो लोहे के एंगल लगाए गए हैं। यहां का भी कांक्रीट उखडऩे से एगंल दिखने लगे है। पुल के ऊपर डाली गई सीमेंट की परत टूटने लगी है।  इस लापरवाही पर किसी का ध्यान नहीं है। हाईवे स्थित पुल के हालात पहले से भी बदत्तर हो गए है।

जगह-जगह हुए गड्डे :

जिलेवासी पिछले छह साल से नेशनल हाईवे निर्माण पूर्ण होने का इंतजार कर रहे है। टूकड़ों में मंडला-जबलपुर एनएच 30 मार्ग का निर्माण अब अंतिम चरण में है।  जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टुकड़ों में बन रही सड़क में भी गड्ड हो गए है, जो वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब है। निर्माण ऐंजसी की लापरवाही के कारण पूरे हाईवे मार्ग में दरारे और गड्डें हो गए है। गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस कार्य को छुपाने के लिए एजेंसी द्वारा अब गड्डों को भरा जा रहा है।

ओवर ब्रिज का मार्ग जर्जर :

बता दे कि नेशनल हाईवे 30 मंडला से छग सीमा तक पूर्ण हो चुका है, वहीं मंडला से जबलपुर के बीच कुछ हिस्सों में मार्ग का निर्माण शेष है। इसी मार्ग के कुड़ामैली में एक ओवर ब्रिज का निर्माण होना है। लेकिन इस ओवर ब्रिज को बनने में अभी काफी समय लगेगा। लेकिन इस ब्रिज निर्माण के कारण यहां का मार्ग इतना जर्जर हो गया है कि लोगों को धूल के गुब्बारे परेशानी का सबब है।  ब्रिज के पास का मार्ग बेहद जर्जर हो गया है। वाहन चालकों को अपने वाहनों की रफ्तार पूरी कम करनी पड़ती है। यदि वाहनों की रफ्तार कम ना हो तो कोई भी अनहोनी यहां हो सकती है। मार्ग में गहरे गड्डे हो गए है। इस ओर भी किसी का ध्यान नहीं है।

इनका कहना है

मंडला से जबलपुर हाईवे मार्ग का निर्माण को करीब छह वर्ष बीत गए है, मार्ग निर्माण किया गया है लेकिन मार्ग में गड्ढे और दरारें बहुत ज्यादा है। इस हाईवे मार्ग में दोपहिया वाहन चलाना खतरे को आमंत्रण देना है। वाहनों में टूट फूट भी हो रही है। पूरे मार्ग में जर्क बहुत ज्यादा है।
इंद्रा उइके

नेशनल हाइवे का निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है, यहां मार्ग निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया है, जगह-जगह दरारे और गड्डे हो गए है। मार्ग में इतने जम्प है कि तेज गति से गुजरने वाले वाहन हवा में उछला मारते है, जिससे अनियंत्रित होकर हादसे का अंदेशा बना रहता है।
संजीव सोनी

मंडला से जबलपुर मार्ग की हालत देखकर कोई भी कह सकता है कि यहा मार्ग ग्रामों में बनने वाली सीसी सड़क से भी बदत्तर है। हाईवे का मार्ग इतना जर्जर बना हुआ है कि दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसे का शिकार हो जाते है। हाईवे मार्ग गुणवत्ताविहीन बनाया गया है।
उमा शंकर तिवारी