बरखेडाकला में तीन बच्चें डुबे, चंबल नदी में युवक बहा

अरुण त्रिपाठी

रतलाम, 9 सितंबर ;अभी तक;  बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। बरखेडाकला गांव में बकरियां चराने गए तीन बच्चें तालाब में डुब गए। जबकि असावती-ताल रोड स्थित चंबल नदी की पुलिया से एक युवक बह गया।

एएसपी डॉ इन्द्रजीतसिंह बाकलवाल ने आज बताया कि बरखेड़ाकलां में मंगलवार को बकरियां चराने गए बच्चे तालाब में नहाने उतरे थे। गहराई में जाने पर वे डूब गए। इन बच्चों में दो बरखेड़ाकलां निवासी सगीर कुरैशी के बेटे जफर (12) व साबिर (8) थे और तीसरा इसी गांव के अकबर मंसूरी का बेटा हुसैन (14) था। वे दो अन्य बच्चों क साथ बकरियां चराने जंगल गए थे। तालाब के पास सगीर का चार बीघा और दूसरी तरफ अकबर का तीन बीघा का खेत होने से बच्चे अक्सर बकरियां चराने जाते थे। मंगलवार को बच्चों ने कपड़े किनारे रखे और नहाने उतर गए। उन्हें हुसैन के बड़े भाई शाकिर ने छटपटाता देखा, तो ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीण गोताखोर के साथ तालाब पहुंचे और बच्चों को निकाला। आलोट सिविल अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इसी तरह असावती-ताल रोड स्थित चंबल नदी की पुलिया से बहे एक युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई। युवक का नाम परमेश्वर पिता हरिशंकर धाकड़ (25) निवासी धमनार था, जो अपनी पत्नी गायत्री के साथ असाावती-ताल रोड होकर ससुराल हिंगड़ी जा रहा था। चंबल नदी की स्टापडैम-सह पुलिया पर डेढ़ फीट पानी होने से पति-पत्नी बाइक हाथ में लेकर पैदल निकल रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने से परमेश्वर गिर गया। उसकी बाइक पुलिया के पिलर पर टिक गई और वह नदी में गिर गया। उसकी पत्नी के चिल्लाने पर नदी किनारे खड़े बद्रीलाल धनगर निवासी आनाखेड़ी ने नदी में छलांग लगाकर बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुआ। बाद में रिंगनोद थाना प्रभारी दर्शना मुजाल्दे, असावती चौकी प्रभारी श्रवणसिंह भाटी, ताल थाना प्रभारी अमित सारस्वत मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने राहत दल को शाम को परमेश्वर का शव नदी से निकलवाया। ताल में पोस्ट मार्टम के बाद बुधवार को मृतक का शव परिजन को सुपुर्द कर दिया गया।

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