बर्खास्त आरक्षक ने पुलिसकर्मी बनकर युवक को पकड़ा, खाते में 10 हजार डलवाए फिर छोड़ा,गिरफ्तार

2:28 pm or July 26, 2022

देवेश शर्मा

मुरैना  26 जुलाई ;अभी तक;  स्मैक तस्करी में फंसाने की धमकी देकर बर्खास्त आरक्षक ने एक निर्दोष युवक को पकड़ा और उससे डरा-धमकाकर 10 हजार रुपये बैंक खाते में आनलाइन जमा करवा लिए। पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपित पूर्व पुलिसकर्मी व उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है।

                     मुरैना शहर के बाल निकेतन रोड, गोपालपुरा में रहने वाले फरियादी रवि बाथम ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर बताया, कि सोमवार की सुबह उसे दो लोगों ने पुलिसकर्मी बनकर पकड़ लिया। उसे जबरन बोलेरो गाड़ी में डालकर ले गए और स्मैक-गांजा तस्करी के केस में फंसाने की धमकी देने लगे। बकौल रवि बाथम दोनों संदिग्ध पुलिसकर्मी उसका नाम शिवम बता रहे थे, जबकि रवि कहता रहा कि उसका नाम शिवम नहीं, बल्कि रवि है। दोनों संदिग्ध पुलिसकर्मियों ने रवि बाथम से रुपयों की मांग रखी। रवि ने बताया कि पुलिस कार्यवाही से घबराकर उसने  अपने पड़ोसी रामखिलाड़ी सिकरवार से 10 हजार रुपये एक खाते में डलवाए, जो संदिग्ध पुलिसकर्मी का था।

                    उल्लेखनीय है कि उक्त घटना के बाद रवि बाथम के स्वजन व पुलिस ने इन संदिग्ध पुलिसकर्मियों को बैरियर के पास ही दबोच लिया। इनमें से मास्टर माइंड की पहचान कल्ली उर्फ रघुराज गुर्जर हुई जो बर्खास्त पुलिसकर्मी है। लूट व फर्जीवाड़े के आरोप में रघुराज गुर्जर को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। बर्खास्त आरक्षक रघुराज गुर्जर खुद का नाम धर्मेंद्र गुर्जर बताकर रवि बाथम को केस में फंसाना चाह रहा था। पुलिस ने रघुराज के साथ उसके साथी संदीप गिरी निवासी धनेला गांव कोभी  पकड़ लिया है।

                 सिविल लाइन टीआइ प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि इस मामले में दोनों आरोपीयों की गिरफ्तारी बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।