बस्तर दशहरा: जोगी बिठाई की रस्म संम्पन्न

9:36 pm or October 17, 2020
बस्तर दशहरा: जोगी बिठाई की रस्म संम्पन्न

महावीर अग्रवाल

जगदलपुर, 17 अक्टूबर ;अभी तक; दशहरा पर्व की महत्वपूर्ण रस्म जोगी बिठाई  आज शाम सिरहासार भवन में सम्पन्न हो गई। लगभग छह सौ बरसों से चली आ रही परम्परा के अनुसार आमाबाल गांव के भगत राम को विधि-विधान से मावली देवी की पूजा-अर्चना के बाद सिरहासार भवन पहुंचाया गया। इसके बाद जोगी नौ दिनों के तप के लिए बनाए गए गड्ढे में बैठ गए। जोगी बिठाई की रस्म के अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष  दीपक बैज,  पूर्व राजपरिवार के सदस्य, कलेक्टर  रजत बंसल सहित बस्तर दशहरा समिति के सदस्य, मांझी, चालकी, मेम्बरीन आदि उपस्थित थे।

साधना काल में जोगी की सेवा-सुषुश्रा के लिए आमाबाल से ग्रामीण आए हुए हैं।  मान्यता है कि जोगी के तप से देवी प्रसन्न् होती हैं तथा विशाल दशहरा पर्व निर्विघ्न संपन्न होता है।

उल्लेखनीय है कि यहां जोगी बिठाई की रस्म 6 सौ से भी अधिक वर्षों से एक ही परिवार निभा रहा है । नवरात्र की शुरुआत के साथ ही मां दन्तेश्वरी के प्रथम पुजारी के रूप में जोगी 9 दिनों तक एक ही जगह बैठकर कठिन व्रत रखता हैं। दरअसल, देवी की उपासना बस्तर राजा को करनी होती थी ताकि यहां खुशहाली रहे लेकिन 9 दिनों तक राजा की जगह जोगी को देवी की उपासना के लिए बैठाया जाता है और आज भी ये परंपरा जारी है।   बड़े आमाबाल के 40 वर्षीय  भगत नाग इस वर्ष फिर से जोगी के रूप में दशहरे की सफलता के लिए तप में बैठे। यह निरन्तर तेरहवाँ साल है, जब श्री भगत तप में बैठे हैं।
फूलरथ परिक्रमा रविवार से

बस्तर दशहरा का प्रमुख आकर्षण फुलरथ परिक्रमा रविवार से प्रारंभ होगा। उल्लेखनीय है कि बस्तर दशहरा में  अश्विन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि तक प्रतिदिन फूल रथ  गोल बाजार (जगदलपुर) की परिक्रमा करता  है। रथ खींचने के लिए जगदलपुर तहसील के 32 और तोकापाल तहसील के 4 ग्रामों के आदिवासी यहां आते हैं।

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