बांस के जंगल काट दिए तो तेंदुओं ने बदल दी बसाहट, नगर के रहवासी क्षेत्र में बढ़ी तेंदुए की चहल पहल

9:03 pm or December 23, 2021

मंडला संवाददाता

मंडला २३ दिसंबर ;अभी तक;  मोहगांव प्रोजेक्ट के कंचनगांव वन परिक्षेत्र के कुछ हिस्सों में बांस की कटाई हो रही है। इसके चलते यहां के वन्य प्राणी अपनी बसाहट बदल रहे हैं। इस क्षेत्र में घने जंगल हैं- ईमलीगोहान, सुरंगदेवरी, कारीकोन के कॉरीडोर में वन्य प्राणी सक्रिय दिखाई पड़ते हैं। क्षेत्र में श्रमिकों की बढ़ती आवाजाही से वन्य प्राणियों के प्राकृतिक रहवास में खलल पड़ रहा है और वे अपना मूवमेंट बदल रहे हैं।

मादा तेंदुए की लोकेशन ट्रेस

                    मोहगांव प्रोजेक्ट के संभागीय प्रबंधक राकेश कुमार कुड़ापे ने बताया कि नगरीय क्षेत्र से लगा हुआ यह पूरा जंगली क्षेत्र है। घंसौर क्षेत्र का जंगलीय क्षेत्र कवर करते हुए खुर्सीपार, बढ़ार, मछरिया होते हुए इमलीगोहान, कारीकोन क्षेत्र तक घना जंगल है। चार-पांच माह पहले एक मादा तेंदुए को ट्रेस कर लिया गया था। मादा तेंदुए के साथ कुछ बच्चे भी है। मादा तेदुंए के साथ एक बच्चे के पग चिन्ह कारीकोन क्षेत्र के कछार में मिले है। कुड़ापे का कहना है कि वन परिक्षेत्र में कुछ स्थानों पर बांस की कटाई और श्रमिकों के अधिक आवागमन के कारण हो सकता है कि मादा तेंदुआ वहां से अपनी बसाहट बदलने का प्रयास कर रही हो।
करंट में फंसकर जान गवाई तेंदुए ने

                   हाल ही में मोहगांव प्रोजेक्ट के सुरंगदेवरी स्थित घने जंगल के नजदीक फंदा लगाकर एक तेंदुए का शिकार किया गया था। जांच पड़ताल के दौरान शिकारी पकड़े गए और उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने शिकार के लिए करंट का फंदा लगाया था जिसमें फंसकर तेंदुए ने अपनी जान गवां दी। इस क्षेत्र में तेंदुओं का मूवमेंट देखा जाता है। मादा तेंदुआ भी इसी क्षेत्र से अपने शावकों के साथ कारीकोन के रहवासी क्षेत्र तक आकर वापस लौट चुकी है। इससे इनकी जान को भी खतरा बन गया है क्योंकि बसाहट बदलने के प्रयास में ये घने जंगल से निकलकर मुख्य मार्ग तक भी पहुंच रहे हैं।