बाघ का शव नहीं जला पाया अमला और मिल गया मादा तेंदुआ का शव

10:50 pm or October 1, 2022

सिवनी से संजय अग्रवाल 

सिवनी एक अक्टूबर ;अभी तक; पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक के बाद एक वन्यप्राणियों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं।शनिवार सुबह पेंच नदी में मिले नर बाघ के शव को पोस्ट मार्टम के बाद जलाने से पहले वन अमले कर्माझिर्री कोर एरिया में एक मादा तेंदुआ का शव मिलने से कर्मचरियों में हड़कंप मच गया। हालाकि पेंच प्रबंधन के लिए राहत की बात यह है कि, बाघ से संघर्ष में तेंदुआ की मौत होने की संभावना पोस्ट मार्टम में जताई गई है।घटनास्थल पर दूसरे वन्यप्राणी की मौजूदगी के निशान पाए गए।मृत तेंदुआ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं।

पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि शव के पोस्ट मार्टम से स्पष्ट हुआ कि, मृत मादा तेंदुआ की उम्र करीब 13-14 साल रही होगी, जिससे दांत लगभग घिस चुके थे।मादा तेंदुआ की गर्दन पर किसी अन्य प्राणी (बाघ) द्वारा कई घाव किए गए हैं। नाखूनों द्वारा किए गए घाव से अत्यधिक रक्त स्त्राव भी हुआ है। आसपास के वन क्षेत्र व पेड़ों पर संघर्ष के निशान से ऐसा प्रतीत होता है कि मादा तेंदुआ की मौत आपसी संघर्ष में हुई होगी। मादा तेंदुआ के सभी जरूरी अंग सुरक्षित मिले हैं।मौके पर शिकार से जुड़े किसी तरह के साक्ष्य नहीं पाए गए हैं।

डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि, शनिवार सुबह नियमित गश्ती के दौरान कर्माझिरी कोर वन परिक्षेत्र के छिदीमट्टा बीट क्षेत्र में दल ने तेंदुआ का शव देखकर इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।सूचना पर वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोपहर बाद वन्य प्राणी चिकित्सक से वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में घटना स्थल का अवलोकन कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।बाद में तेंदुआ का शव एनटीसीए की गाइड लाइन के तहत जला दिया गया है।तेंदुआ का शव लगभग 24 घंटा पुराना होने की संभावना है।