बारिश कर रही दीपावली की तैयारियों की धुलाई

5:56 pm or October 19, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल १९ अक्टूबर ;अभी तक;  इस बार बारिश दीपावली की तरीके से धुलाई कर रही है। बारिश किसानों की खेतों सहित खलिहानों में कटी रखी हुई फसलों को जहां सड़ाने का काम कर रही है वहीं लोगों द्वारा की जाने वाली रंगाई-पुताई की भी तरीके से बैंड बजाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कुल मिलाकर यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगा कि बारिश दीपावली की तैयारियों की धुलाई करने में कोई भी कसर बाकी नहीं रखना चाह रही है। यही वजह है कि जिले के किसान सहित हर वर्ग खासा प्रभावित हो गया है। सभी एक स्वर में यही कह रहे हैं कि बस अब बहुत हो गया। अब तो बारिश का सिलसिला थमना चाहिए। लेकिन जिले में तीन दिनों से सिस्टम फिर एक्टिव हो गया है और जिले में बारिश का सिलसिला प्रारंभा हो गया है। जिला मुख्यालय पर दो दिनों से बारिश बरस रहा है। इसके साथ ही मुलताई, भैंसदेही सहित अन्य ब्लाकों में भी झमाझम बारिश हो चुकी है।

तैयारियों पर पानी फेर रही बारिश

हिन्दू संस्कृति का सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली का होता है। इस त्यौहार को बहुत ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। एक तरह से समृद्धि के रूप में मनाया जाने वाला यह त्यौहार इस बार फीका ही रहेगा। इसके पीछे मुख्य कारण बारिश ही है जो कि दीपावली की तैयारियों पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। दीपावली के त्यौहार को अब सिर्फ पांच दिन ही बचे हैं लेकिन मौसम अभी भी बारिश का बना हुआ है जिससे लोगों में मायूसी छाने लगी है। दो साल पूर्व भी इसी तरह के हालात निर्मित हुए थे और दीपावली के दिन भी झमाझम बारिश ने पूरा मजा किरकिरा कर लिया था।

बाजार में नहीं आ रहा किसान का पैसा

किसानों की पीला सोना कही जाने वाली मुख्य फसल सोयाबीन और मक्का इन दिनों बारिश की मार झेलते हुए सडऩे की कगार पर पहुंच गई है। किसानों की हालत यह है कि वह खेत और खलिहानों से फसल को घर तक ही नहीं ला पा रहे है। इस स्थिति में किसानों का पैसा बाजार में नहीं आ पा रहा है जिसके कारण बाजार में भी दीपावली के बाजार जैसी चहल-पहल नहीं है। कृषक दयाराम यादव, उमेश साहू, किसन वरकड़े, लक्ष्मण धुर्वे सहित अन्य ने बताया कि मक्का की फसल टूटकर रखी हुई है। इसी तरह से सोयाबीन की फसल कटी हुई खेत में पड़ी है। लेकिन बारिश से खेतों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में फसल को कैसे घर तक लाए इसी बात की चिंता सता रही है।

रंगाई-पुताई की बारिश कर रही धुलाई

दीपावली की तैयारियों को लेकर हर आम और खास व्यक्ति अपनी-अपनी सामर्थ के अनुसार अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों की रंगाई-पुताई करते हैं लेकिन इस बार अभी तक कई गई रंगाई-पुताई को बारिश धोने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इसके अलावा आंगन में डाली जाने वाली रांगोली की तो बात ही दूर है। दो -तीन दिनों से प्रतिदिन हो रही बारिश पूरी तैयारियां पर पानी फेर रही है और रंगाई-पुताई की धुलाई कर रही है जिससे लोग मायूस हो गए हैं। शुभम, अंकित, दिनेश, राजेश सहित अन्य का कहना है कि बारिश के चलते उन्होंने रंगाई-पुताई का काम ही रोक दिया है क्योंकि बारिश पूरी मेहनत खराब कर सकती है।

तालाब बन गए हैं खेत

मुलताई नगर में भी मंगलवार सुबह से ही रूक रूक कर बारिश हो रही है। वहीं क्षेत्र में जगह-जगह लगातार बारिश होने से किसानों की फसलें चौपट हो चुकी है। ताईखेड़ा, रायआमला, आष्टा सहित अन्य गांवों में बारिश के कारण खेत में पानी भरने से तालाब नजर आ रहे हैं। पानी के कारण फसलों की जड़े गल गई है जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति होने की संभावना है। आमला में भी तीन दिनों से लगातार बारिश होने से किसानों ने कहा कि अब फसलों का बचना मुश्किल हो गया है।

बारिश से बाजार भी हुआ प्रभावित

दीपावली के पहले जहां बाजार में भारी गहमा गहमी रहती थी तथा पूरे बाजार में रौनक छाई रहती थी। वहीं इस वर्ष बारिश के कारण अपेक्षित ग्राहकी नजर नहीं आ रही है। बार- बार बारिश होने से ग्रामीण अंचलों से लोग नगर में नही आने से बाजार प्रभावित हो गया है। दुकानदारों ने बताया कि दीपावली का पूरा सप्ताह गहमा गहमी का होता है तथा दीपावली तक खासा धंधा होता है लेकिन इस वर्ष बारिश के कारण सीधा ग्राहकी पर असर पड़ा है। इधर फटाखा व्यापारी भी बारिश के कारण व्यवसाय को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण सबसे अधिक फटाखा बिक्री प्रभावित होगी।