बारिश न होने से पन्ना में बन रहे सूखे जैसे हालात, किसान देख रहे हैं आसमान की ओर

10:03 pm or July 19, 2022
(दीपक शर्मा)
पन्ना १९ जुलाई ;अभी तक;  देश के कई भागों में जहां बाढ़ से लोग बेहाल है ओर पानी परेशानी का सबब बन हुए है वहीं
मध्य्प्रदेश के पन्ना में बारिश न होने से जिले में सूखे जैसे हालात बन गए है। किसान पानी के लिए आसमान की ओर देख रहा है लेकिन आसमान पर बादल आते है और चले जारे है। यहां भरी बरसात में भी किसानों की फसलें  सुख रही है। लाचार किसान भरी बरसात में अपनी फसलें सूखने से  बचाने के लिए पंप से सिंचाई कर रहे है।उधर पन्ना शहर में पीने के पानी की परेशानी भी खड़ी हो गयी है…अब यहाँ जनता हैरान है परेशान है।कोई मंदिर में रामधुन बैठाकर कर भगवान से पानी की प्रार्थना कर रहा है तो कोई मस्जिद में नवाज कर पानी के लिए दुआ मांग रहा है।
                        बारिश न होने से पन्ना जिले में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिस कारण पूर्व में रोपित की गई धान की फसल सूख रही है। अरहर, मक्का जैसी फसलें भी बरसात न होने से प्रभावित हुई हैं। पानी के अभाव में अधिकतर किसानों के खेत खाली पड़े हैं। बहुत से किसान अभी तक रोपाई का कार्य नहीं कर सके हैं, जो किसान रोपाई कर चुके हैं वे अपनी फसल को बचाने के लिए लगातार सिचाई कर रहे है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है, जिसको लेकर किसान चितित हैं।
                    किसानों का कहना है कि विषम परिस्थितियों में धान की रोपाई करने से कोई फायदा नहीं है। इससे अच्छा खेत खाली ही पड़ा रहता।जिले के कई किसानों ने इस बार खरीफ की खेती करने का मन बना लिया है। कुछ किसान अन्य विकल्पों को भी तलाश रहे हैं।
                       पन्ना जिले में काफी दिनों से बारिश न होने से धान एवं अन्य फसलें सूख रहीं हैं। तो वहीं कई क्षेत्रों में बरसात लगने के बाद भी बरसात ठीक से नहीं हुई है। टयूबवेल चलाकर फसलों की सिचाई करने वाले किसानों की फसल भी प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल न होने के कारण बहुत अच्छी नहीं है, जिन किसानों ने अभी तक रोपाई पूरी नहीं की है तो वे मौसम के अनुकूल होने पर ही रोपाई करने की आस लगाए बैठे है। वहीं तेज धूप एवं गर्मी से नव रोपित पौधे खराब हो जाते हैं, जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी है वे बारिश आने तक फसल को बचाने के लिए यथासंभव सिचाई करते रहें।अगर जिल्रे में जल्दी वारिश नही हुई तो जल संरचनाये खाली रह जाएगी ओर सूखे की बिभीसका झेलनी पड़ सकती है।