बारिश में हजारों हेक्टेयर की दलहनी फसल पर खतरा, उपार्जन केंद्रों में रखी फसल को भी पहुंचा नुकसान

11:15 pm or December 29, 2021
मंडला संवाददाता
मंडला  २९ दिसंबर ;अभी तक;  जिले भर में मंगलवार की सुबह से आसमान में काले घने बादल छाए रहे। जिले के अधिकांश स्थानों पर जोरदार बारिश हुई और  ओले भी गिरे। इससे दलहनी किसान परेशान हैं। कृषि विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि जिले भर में लगभग 90 हजार हेक्टेयर में दलहनी फसलें बोई गई हैं। इनमें चना,  मटर, बटरी, मसूर, सरसों शामिल है। बारिश होने से इन फसलों पर इल्लियां पडऩे का खतरा बढ़ गया हैै क्योंकि मौसम में बेहद नमी आ गई है।
                   मंगलवार को जिले के कई हिस्सों में ओलवृष्टि भी हुई। इससे चना-मसूर की फल्लियां ही खराब नहीं हुई बल्कि पौधे की शाखाएं टूट गईं।  पौधे जमीन में बिछ गए। लगभग 10 हजार से अधिक रकबे में चना, मटर, बटरी की फसल को नुकसान पहुंचा है। आशंका जताई गई है कि यदि शीघ्र ही मौसम नहीं खुला तो दलहन की फसल मार खा जाएगी। जिले में सरसों का रकबा 18.5 हजार हेक्टेयर, चने का रकबा 22.5 हजार हेक्टेयर, मटर 25.5 हजार हेक्टेयर, मसूर 28.5 हजार हेक्टेयर मेें बोई गई है।
भीगी हजारों क्विंटल धान
                     अचानक हुई वर्षा के कारण विकास खंड नैनपुर के सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान भीग गई। प्रशासन की लापरवाही रही कि समय पर धान का परिवहन नहीं करा पाए जिसका नतीजा किसानों को भुगतना पड़ा। पिंडरई खरीदी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 के प्रभारी बेपरवाह बने रहे। यहा बड़ी मात्रा में लोगों की धान बारिश में भीग गई। बबलिया में अभी तक 6 हजार क्विंटल धान खरीदी गई है। भण्डारण केन्द्र में परिवहन के लिए 5318 क्विंटल धान तैयार है जो परिवहन के अभाव में वर्षा होने से भीग रही है।