बार्डर चैकपोस्ट पर मॉनीटरिंग में लापरवाही से कलेक्टर खफा

मयंक भार्गव

बैतूल ८ जून ;अभी तक;  कोरोना संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए महाराष्ट्र बार्डर पर बनाये गये चैक पोस्टो में तैनात कर्मचारियों द्वारा मॉनीटरिंग में बरती जा रही लापरवाही से कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस खासे खफा है। कलेक्टर ने आला अफसरों को निर्देश दिये है कि बार्डर के चैक पोस्ट पर तैनात कर्मचारियों की अनियमितता की शिकायतें न मिले यह सुनिश्चित करें। अनियमितता करने वाले लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों को दिये है।

महाराष्ट्र से जिले में आयी थी संक्रमण की दूसरी लहर

बैतूल जिले के सीमावर्ती महाराष्ट्र राज्य के अमरावती जिले में मार्च माह में कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से बढऩे के बाद एहतियात के तौर पर कलेक्टर ने महाराष्ट्र बार्डर पर चैक पोस्ट बनाकर वहां राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य एवं पंचायत विभाग का अमला 24 घंटे तैनात कर महाराष्ट्र से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग एवं डाटा एकत्रित करने के निर्देश दिये थे। परंतु बार्डर के चैक पोस्ट्स पर तैनात अमले की लापरवाही कार्यप्रणाली के चलते महाराष्ट्र के रास्ते कोरोना संक्रमण का जिले में न सिर्फ प्रवेश हुआ बल्कि वायरस संक्रमण से लगभग 2 माह तक बैतूल जिले में हाहाकार मचा रहा।

संक्रमण थामने को लेकर कलेक्टर गंभीर

कोरोना वायरस संक्रमण को थामने के लिए कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस खासे गंभीर है। संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका एवं सीमावर्ती महाराष्ट्र के अमरावती जिले में कोविड-19 के केस बढऩे से कलेक्टर ने सीमावर्ती चैक पोस्ट्स की निगरानी में सख्ती बरतने के निर्देश जिम्मेदार अधिकारिया को दिये है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम, तहसीलदारों द्वारा सीमावर्ती चैक पोस्ट्स की आकस्मिक दौरा किया जा रहा है। जिससे वहां तैनात अमले की उपस्थिती की नियमितता एवं महाराष्ट्र से आवाजाही की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके।