बार्डर पर बरती जा रही लापरवाही से संक्रमण के पलटवार की आशंका

मयंक भार्गव

बैतूल १४ जून ;अभी तक;  कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने मैदान अफसरों को महाराष्ट्र के सीमावर्ती चैकपोस्ट पर सख्त मानीटरिंग करने के बारम्बार निर्देश देने के बावजूद बार्डर पर लापरवाही का आलम बदस्तूर जारी है जिससे पुन: महाराष्ट्र के रास्ते जिले ेमें कोरोना वायरस संक्रमण के पलटवार का खतरा मंडराने लगा है। महाराष्ट्र सीमावर्ती आठनेर विकासखंड ही हीरादेही वन चौकी में बनाए गए चैक पोट में लापरवाही के आलम का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वहां तैनात शिक्षकों को डंडा थमाकर मानीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जबकि रविवार प्रात: 10 बजे से 11 बजे के दौरान वहां राजस्व, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग का अमला नदारद था। ड्यूटी पर तैनात शिक्षक महाराष्ट्र से आने वाले वाहनों को रोकने एवं वाहन चालकों से पूछताछ करते नजर आए। इस दौरान बैतूल जिले की सीमा में प्रवेश करने के लिए महाराष्ट्र के लोग शिक्षकों से हुज्जत करते नजर आए।

बार्डर चैक पोस्ट से महाराष्ट्र के  लोगोंं की आवाजाही जारी

रविवार सुबह करीब 10 बजे इस संवाददाता ने वन चौकी हीरादेही पहुंचकर मानीटरिंग की जमीनी हकीकत जानने पर पाया कि वहां ड्यूटी पर तीन प्राथमिक शिक्षक मनोज अटारकर, दर्शनसिंह वाडिवा, सहदेव मौसिक एवं ग्राम रोजगार सहायक भीमराव उइके तैनात मिले। जबकि प्रधान आरक्षक चंद्रकांत परते चैक पोसट पर मौजूद होने की बजाए वन चौकी परिसर में घूम घूमकर मोबाइल पर बतिया रहे थे। प्रात: 11 बजे तक ड्यूटीपर तैनात किए गए एसएएफ के जवानों सहित राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला नदारद था। इस दौरान बार्डर चैक पोस्ट से दोपहिया एवं चौपहिया वाहनों से महाराष्ट्र के लोगों की आवाजाही बदस्तूर जारी रही। ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों ने बताया कि उनके द्वारा महाराष्ट्र को आने वाले लोगों के वाहनों को रोककर उनके आधार कार्ड एवं आरटीपीसीआर रिपोर्ट देखी जा रही है परंतु अधिकतर लोगों के पास आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं रहती है। शिक्षकों द्वारा ही महाराष्ट्र से आने-जाने वालों का रिकार्ड संधारित किया जा रहा है।

थर्मल स्कैनर खराब

रविवार को प्रात: हीरादेही चैक पोस्ट पर स्वास्थ्य विभाग का अमला मौजूद नहीं था ना ही महाराष्ट्र से आने वालों की थर्मल स्क्रेनिंग की जा रही है। ड्यूटी पर मौजूद शिक्षकों ने बताया कि थर्मल स्केनर खराब होने के कारण महाराष्ट्र से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है। शिखकों ने बताया कि चैक पोस्ट पर स्वास्थ्य विभाग का अमला नियमित रूप से नहीं रहता है। बल्कि कभी-कभी आता है। यहीहाल राजस्व एवं स्वास्थ्य अमले का भी नजर आया।

ग्रामीण इलाकों में घूम रहे महाराष्ट्र के फेरीवाले

सीमावर्ती महाराष्ट्र राज्य से जिले में संक्रमण फैलने की आशंका के मद्देनजर विशेष परिस्थितियों में ही महाराष्ट्र के लोगों को जिले में आने की छूट दी है। इसके बावजूद भी महाराष्ट्र की सीमावर्ती एवं सीमा से सटे हीरादेही, गारगुड़्, बैरमढाना, केलबेहरा, मानी, नड़ा, बेलकुण्ड, सातकुण्ड, अंधेरबावड़ी, कावला, धारूल, मेढ़ाछिंदवाड़, दाबोना सहित दर्जन भर ग्राम में महाराष्ट्र के लगभग आधा सैकड़ा फैरीवाले दो पहिया वाहनों से गांव-गांव में जाकर बर्तन, कपड़े, सब्जी, फल सहित अन्य सामग्री बेच रहे हैं। फेरीवालों द्वारा न तो मास्क का उपयोग किया जा रहा है और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। बार्डर चैक पोस्ट पर सख्ती नहीं होंने के कारण महाराष्ट्र के फेरीवाले की आठनेर ब्लाक के ग्रामीण अंचलों में बदस्तूर आवाजाही जारी है।

कलेक्टर के फरमान से अफसर-अमला बेपरवाह

महाराष्ट्र के रास्ते बैतूल जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के लिए कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने मैदानी अफसरों को बार्डर चैक पोस्ट पर सख्ती बरतने एवं वहां तैनात कर्मचारियों की अनियमितता की शिकायत न मिलने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन महाराष्ट्र बार्ड की अतिसंवेदनशील वन चौकी हीरादेही में बने चैक पोस्ट से स्वास्थ्य, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अमले के गायब रहने एवं डंडा थामे शिक्षकों द्वारा बार्डर चैक पोस्ट की कमान संभालने से साफ जाहिर होता है कि मैदानी अफसरों अमला कलेक्टर के सख्ती बरतने के फरमान को लेकर कितना बेपरवाह है। सूत्रों की माने तो बार्डर चैक पोस्ट की मानीटरिंग के लिए राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य एवं पंचायत विभाग के मैदानी अफसरों द्वारा किए जाने वाले औचक निरीक्षण सिर्फ रस्मअदाएगी रहते हैं। क्योंकि अधिकारियों के औचक निरीक्ष्ज्ञण की पूर्व सूचना मिलने से बार्डर पर तैनात अमला ड्यूटी पर मुस्तैदी से डटा रहता है।