बालाघाट समाचार, दिनांक 23 अप्रैल 2021

8:28 pm or April 23, 2021

*बालाघाट **23 अप्रैल 2021*
*होम आईसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों के लिए “योग से निरोग” कार्यक्रम प्रारंभ*
*मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो काफ्रेंसिंग में किया शुभारंभ*
*आयुष मंत्री श्री कावरे ने दिया स्वागत उदबोधन*
होम आईसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों के लिए राज्य सरकार द्वारा एक नई पहल करते हुए “योग से निरोग” कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। आज 23 अप्रैल को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया और योग प्रशिक्षकों से चर्चा की। इस कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के आयुष मंत्री श्री रामकिशोर कावरे बालाघाट एनआईसी से, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार शाजापुर से एवं महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष श्री भरत बैरागी रतलाम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि हमारे योगासन और प्राणायाम काफी कारगर हैं। पहले हमें सावधानी रखना है कि लोग बीमार ही न हों और दूसरा कि अगर बीमार पड़ें तो अस्पताल न जाना पड़े, घर पर ही इलाज हो जाये। इसलिये आज योग से निरोग कार्यक्रम को शुरु किया है। मैं वर्षों से योग कर रहा हूं। मैं भी संक्रमित हुआ, लेकिन वो संक्रमण मेरे लंग्स में कोई असर नहीं डाल पाया। उस दौरान भी मैं बराबर योग करता रहा। मैं अपने अनुभव से बताता हूं कि योग से निरोग हुआ जा सकता है। समय रहते अगर इसका इलाज और योग का साथ लिया जाये तो 100 प्रतिशत ठीक होने वाली बीमारी है। कोरोना से पीड़ित मानवता की सेवा के लिये बहुत बड़ा अभियान है योग से निरोग। योग के माध्यम से नकारात्मक सोच खत्म करने में मदद मिलेगी। यह कोविड-19 के खिलाफ युद्ध है जिसे बाहर जा के नहीं घर में रहकर जीता जा सकता है। 30 अप्रैल तक घरों से बाहर न निकलें। योग प्रशिक्षकों का रजिस्ट्रेशन और इस व्यवस्था को जितनी जल्दी हम सुचारु कर सकें उतनी जल्दी लोगों को सहूलियत मिलेगी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन में आयुष मंत्री श्री कावरे ने कहा कि “योग से निरोग” कार्यक्रम का उद्देश्य होम आइसोलेशन और कोविड केयर सेंटर में रह रहे कोविड मरीजों का मानसिक, शारीरिक और आत्मिक स्वास्थ्य एवं मनोबल को निरंतर ऊँचा बनाये रखना है। साथ ही उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करना भी है। आयुष विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, इण्डियन योग एसोसिएशन तथा पतंजलि योग पीठ के संयुक्त तत्वावधान में चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स दिन में 2 बार होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को वीडियो कॉल या फोन कॉल से ऑनलाइन योग, आसन, ध्यान, प्राणायाम आदि का अभ्यास करायेंगे।
“योग से निरोग” कार्यकम के अंतर्गत प्रत्येक योग प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स को लगभग 10 मरीज आवंटित किये जायेंगे। इसी प्रकार का सामूहिक अभ्यास कोविड केयर सेंटर में भी एक व्यवस्था बनाकर किया जायेगा। यह कार्यक्रम होम आइसोलेशन में रहने वाले और कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों में नई ऊर्जा, उत्साह, मनोबल और सकारात्मक भावों का संचार करेगा, जिससे उन्हें जल्द से जल्द ठीक होने में विशेष मदद मिलेगी।
“योग से निरोग” कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर बालाघाट एनआईसी रूम में आयुष मंत्री श्री कावरे के साथ जिला आयुष अधिकारी डॉ शिवराम साकेत, जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी आर मेश्राम, योग प्रशिक्षक सरिता बिसेन, समाज सेवी श्रीमती रीतु अग्रवाल भी वीडियो कांफ्रेंस में मौजूद थी।
संलग्न फोटो क्रमांक-010 से 012
समाचार क्रमांक/195/195/2021/पटले

*होम आइसोलेशन वाले मरीजों को त्रिकटू काढ़ा चूर्ण पैकेट का वितरण प्रारंभ*
मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री आयुष (स्वतंत्र प्रभार) एवं जल संसाधन विभाग श्री रामकिशोर “नानो” कावरे के निर्देशानुसार होम आइसोलेशन में रहने वाले प्रत्येक कोरोना मरीज को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुष औषधि त्रिकटु काढ़ा चूर्ण का वितरण किया जाना है। बालाघाट जिले में 23 अप्रैल से इस त्रिकटु काढ़ा चूर्ण का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ शिवराम साकेत ने बताया कि जिला आयुष कार्यालय बालाघाट से परसवाड़ा विकासखंड में वितरण किए जाने हेतु त्रिकटु चूर्ण काढ़े के 5000 पैकेट विशेष वाहन द्वारा आज रवाना किये गए है। इसके साथ ही कटंगी विकासखंड के लिए भी त्रिकटु काढ़ा चूर्ण के पैकेट रवाना किये गये है। त्रिकटु काढ़ा चूर्ण के पैकेट का वितरण जिले में आयुष विभाग के सभी औषधालयों से भी प्रारंभ कर दिया गया है।
आयुष विभाग के आयुष चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित अमले द्वारा यह त्रिकटु चूर्ण का घर-घर वितरण किया जाएगा एवं काढ़ा बनाने की विधि काढ़े के उपयोग करने की मात्रा एवं तरीके की भी जानकारी मरीज एवं उनके परिजनों को दी जावेगी। आयुष विभाग बालाघाट द्वारा यह भी व्यवस्था की गई है कि आयुष मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रोशनी पारधी द्वारा होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों से बात कर उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जाएगी एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपायों को भी मरीजों को बताया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है मध्यप्रदेश में 6 करोड़ त्रिकटु काढ़े के चूर्ण पैकटों का वितरण घर-घर तक किया जावेगा, उसी तारतम्य में जिला आयुष कार्यालय बालाघाट द्वारा आज 23 अप्रैल से यह व्यवस्था सुचारू रूप से प्रारंभ की गई है।
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समाचार क्रमांक/196/196/2021/पटले

*सामान्य नागरिक बन मंत्री श्री कावरे ने कोविड सेंटर स्टॉफ को कॉल किया*
मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री आयुष (स्वतंत्र प्रभार) एवं जल संसाधन विभाग श्री रामकिशोर “नानो” कावरे ने 22 अप्रैल 2021 की शाम को जिले के समस्त कोविड केयर सेंटर मे ड्यूटी स्टाफ से फोन पर एक सामान्य नागरिक के नाते चर्चा की और वहां पर भर्ती मरीजों को दी जा रही सुविधाओं एवं उपचार के संबंधी में चर्चा की।
मंत्री श्री कावरे ने सर्वप्रथम बूढ़ी अस्पताल के हेल्प डेस्क पर फोन कर वहां उपलब्ध बेड एवं ऑक्सीजन के विषय मे जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने मुलना स्टेडियम, गायखुरी कोविड सेंटर, आई टी आई, परसवाड़ा, लांजी समस्त कोविड सेंटरों में उपस्थित डॉक्टर, नर्स व वार्ड बॉय से बात कर कोविड-पॉजिटिव मरीजों के उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की।
कोविड केयर सेंटर के स्टाफ के लिए मंत्री श्री कावरे जी का यह नंबर नया था। इसकी वजह से कोई उन्हें पहचान नही पाया, लेकिन सभी ने शालीनता से बात कर वर्तमान परिस्थिति से अवगत कराया। मंत्री श्री कावरे ने कोविड केयर सेंटर के स्टाफ से मोबाईल पर चर्चा के करने के बाद कहा कि मैं सभी स्टाफ का अभिनंदन करता हूँ कि वो महामारी के इस काल मे भी पूरे आत्मविश्वास और लगन के साथ अपना कार्य कर रहे है। हम सब मिलकर कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करेंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन को लेकर चिंतित है, उन्ही के मार्गदर्शन में नए-नए कोविड-केयर सेंटर की स्थापना जिले में हो रही है। मंत्री श्री कावरे ने कहा कि हम सभी आशा करते हैं कि हम जल्द ही कोरोना महामारी पर विजय प्राप्त कर लेंगे
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समाचार क्रमांक/197/197/2021/पटले

*पंजीकृत आयुष चिकित्सकों से कोविड अस्पतालों में सेवायें देने की अपील*
*जिला आयुष कार्यालय में करना होगा सम्पर्क*
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती जा रही संख्या को दृटिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा कोविड मरीजों के उपचार के लिए निरंतर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिले में विभिन्न स्थानों पर आक्सीजन सुविधा युक्त कोविड अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटर बनाये गये है। मध्यप्रदेश शासन के आयुष मंत्री श्री रामकिशोर कावरे ने बालाघाट जिले के कोविड अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटर में सेवायें देने के लिए जिले में पंजीकृत आयुष चिकित्सकों से सहयोग की अपील की है।
मंत्री श्री कावरे ने जिले में निवासरत पंजीकृत आयुष चिकित्सकों से अपील की है कि वे कोरोना के इस संकट काल में पीड़ित मानवता की सेवा के लिए आगे आयें। जिले में रहने वाले ऐसे पंजीकृत बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस चिकित्सक जो किसी अस्पताल में अपनी सेवायें नहीं दे रहे हैं, वे जिले में बनाये गये कोविड अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटर में कोरोना पाजेटिव मरीजों के उपचार के लिए अपनी सेवायें दे सकते है। यदि कोई आयुष चिकित्सक मानवीय आधार पर अपनी सेवायें नि:शुल्क देना चाहता है तो उसका स्वागत है और कोई मानदेय पर अपनी सेवायें देना चाहता है तो उसका भी स्वागत है। ऐसे पंजीकृत आयुष चिकित्सक जिला आयुष कार्यालय बालाघाट में जिला आयुष अधिकारी डॉ शिवराम साकेत से सम्पर्क कर अपनी सहमति दे सकते है। आयुष चिकित्सकों का यह छोटा सा सहयोग कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार एवं उनकी जान बचाने में पुण्य कमाने जैसा ही है।
आयुष मंत्री श्री कावरे ने जिले के पंजीकृत आयुष चिकित्सकों की सेवायें कोविड मरीजों के उपचार के लिए लेने के संबंध में आज 23 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला आयुष अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों से चर्चा की।
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समाचार क्रमांक/198/198/2021/पटले

*प्रायवेट डाक्टर्स वीडियो काल कर मरीजों को दे रहे हैं उपचार संबंधी सलाह*
कलेक्टर श्री दीपक आर्य की पहल पर इंडियन मेडिकल एसोसियेशन आईएमए के प्रायवेट चिकित्सक भी कोरोना संकट के इस समय मदद के लिए सामने आये है। प्रायवेट डाक्टर्स के साथ गत दिवस जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक कर तय किया गया किया गया था कि वरिष्ठ प्रायवेट चिकित्सक वीडियो कालिंग कर होम आईसोलेशन में रह रहे कोरोना पाजेटिव मरीजों से उनके उपचार के संबंधी में चर्चा कर उन्हें जरूरी सलाह मशविरा देंगें और कनिष्ठ प्रायवेट चिकित्सक कोविड वार्डों में हर दिन एक निश्चित समय पर राउंड पर आयेंगें और मरीजों की जांच करेंगें।
जिले के वरिष्ठ प्रायवेट चिकित्सकों ने आज 23 अप्रैल से कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में अपनी सेवायें देना प्रारंभ कर दिया है। डॉ सुनील श्रीवास्तव, डॉ बी एम शरणागत, डॉ सी के पारधी, डॉ श्रीमती अनिता पाराशर, डॉ अभय लोकरे, डॉ प्रवीण ज्योतिषी एवं डॉ अजीत गणवीर ने होम आईसोलेशन में रह रहे कोरोना पाजेटिव मरीजों से वीडियो काल के माध्यम से सम्पर्क कर मरीजों के स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना और उनकी वर्तमान स्थिति के अनुसार उपचार संबंधी सलाह मशविरा दिया। कोविड कमांड सेंटर द्वारा होम आईसोलेशन में रह रहे कोरोना पाजेटिव मरीजों के मोबाईल वरिष्ठ प्रायवेट चिकित्सकों को उपलब्ध कराये जा रहे है। होम आईसोलेशन में रह रहे कोरोना पाजेटिव मरीज भी इन वरिष्ठ चिकित्सकों से वीडियो काल के माध्यम से सीधा संवाद होने पर खुश है।
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समाचार क्रमांक/199/199/2021/पटले

*22 अप्रैल को 143 सेंपल कोरोना पाजेटिव 144 मरीजों को किया गया डिस्चार्ज, कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या 1220 हुई*
22 अप्रैल 2021 को प्राप्त रिपोर्ट में बालाघाट जिले के 143 मरीजों के सेंपल कोरोना पाजेटिव पाए गए हैं। इस प्रकार जिले में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ कर 1220 हो गई है। लेकिन राहत की बात है कि बड़ी संख्या में कोरोना पाजेटिव मरीज ठीक हो रहे है। आज 22 अप्रैल को 144 कोरोना पाजेटिव मरीजों के ठीक हो जाने पर अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) दे दी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा मनोज पांडेय ने बताया कि बालाघाट जिले में 22 अप्रैल 2021 तक कुल 5677 मरीज कोरोना पाजेटिव पाए गए हैं। इनमें से 4427 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। 22 अप्रैल को 144 मरीजों के ठीक होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। आज 22 अप्रैल को कोरोना के 01 मरीज की मृत्यु हुई है. इस प्रकार जिले मे 22 अप्रैल तक 30 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। कोरोना पाजेटिव 1220 मरीजों में से 1004 मरीजों को होम आईसोलेशन में रखा गया है, 41 मरीजों को अस्पताल के आईसोलेशन बेड पर रखा गया है, 160 मरीजों को आक्सीजन सप्लाई वाले बेड पर और 15 मरीजों को आईसीयू में रखा गया है। बालाघाट जिले में 22 अप्रैल 2021 तक कोरोना टेस्ट के लिए 01 लाख 01 हजार 283 सेंपल लिए जा चुके हैं।
समाचार क्रमांक/200/200/2021/पटले

*जिला चिकित्सालय में डी-टाईप 20 आक्सीजन सिलेंडर कम पाये गये*
*तहसीलदार एवं टीआई को सिलेंडर का पता लगाने के निर्देश*
सहायक कलेक्टर श्री दलीप कुमार द्वारा आज 23 अप्रैल को जिला चिकित्सालय बालाघाट में जांच के दौरान आक्सीजन के डी-टाईप 20 सिलेंडर कम पाये गये है। इस पर उनके द्वारा गायब पाये गये सिलेंडर के यूनिक नंबर सहित जांच प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर श्री दीपक आर्य के समक्ष कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया गया है।
कलेक्टर श्री आर्य ने जिला चिकित्सालय से आक्सीजन सिलेंडर के गायब होने को गंभीरता से लिया है और बालाघाट तहसीलदार एवं टीआई को निर्देशित किया है कि वे इन गायब आक्सीजन सिलेंडर के यूनिक नंबर से उनका तत्काल पता लगायें। जिस किसी भी व्यक्ति के पास इन यूनिक नंबर वाले गायब आक्सीजन सिलेंडर पाये जायें उन्हें तुरंत जिला चिकित्सालय वापस लायें। यह सिलेंडर जिस किसी भी व्यक्ति के पास पाए जायेंगें उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर रासुका के अंतर्गत तत्काल कार्यवाही की जायेगी। जिला चिकित्सालय बालाघाट से आक्सीजन सिलेंडर के गायब होने में जिस किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता पायी जायेगी उसे तत्काल पद से पृथक करने की कार्यवाही की जायेगी और उसके खिलाफ भी रासका के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।
समाचार क्रमांक/201/201/2021/पटले

*आयुष चिकित्सा अधिकारी एवं स्टाफ नर्स *
*के लिए 25 एवं 26 अप्रैल को वाक-इन-इंटरव्यू का आयोजन*
कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए जिले में बनाये गये कोविड सेंटर में संक्रमित रोगियों के उपचार एवं देखभाल के लिए अस्थायी मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाना है। इसके अंतर्गत 25 आयुष चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथिक) एवं 30 स्टाफ नर्स (महिला एवं पुरूष) का चयन किया जाना है। इसके लिए 25 एवं 26 अप्रैल को प्रात: 11 बजे से सांय 05 बजे तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय बालाघाट में वाक-इन-इंटरव्यू का आयोजन किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने बताया कि आयुष चिकित्सा अधिकारी के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएएमएस, बीयूएमएस एवं बीएचएमएस डिग्री धारक एवं मध्यप्रदेश आयुर्वेद तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड में जीवित पंजीयन या मध्यप्रदेश होम्योपैथी परिषद में जीवित पंजीयन वाले युवा 25 एवं 26 अप्रैल को वाक-इन-इंटरव्यू में शामिल हो सकते है। इसी प्रकार स्टाफ नर्स के लिए नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र से प्रशिक्षण प्राप्त एवं मध्यप्रदेश नर्सिंग कौंसिल में जीवित पंजीयन वाले युवा एवं 26 अप्रैल को वाक-इन-इंटरव्यू में शामिल हो सकते है। आयुष चिकित्सा अधिकारी को 25 हजार रुपये एवं स्टाफ नर्स को 20 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जायेगा।
समाचार क्रमांक/202/202/2021/पटले

*पंचकर्म टेक्निशियन प्रशिक्षण में **28** अप्रैल तक प्रवेश*
प्राचार्य शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, ग्वारीघाट जबलपुर द्वारा जानकारी दी है कि पंचकर्म टेक्निशियन प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र 2020-21 में रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु “प्रथम आवें प्रथम पावे” के आधार पर 28 अप्रैल तक प्रवेश प्राप्त करें। प्रवेश पाठ्यक्रम में उपलब्ध रिक्त सीटों पर ही प्रदान किया जावेगा। शेष नियम एवं शर्तें महाविद्यालय की वेबसाइट ( www.gac.edu.in) पर उपलब्ध है।
समाचार क्रमांक/203/203/2021/पटले

*कोरोना काल में भी ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग की सेवायें दे रहे है बीसी*
जिले के अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री दिगम्बर भोयर ने बताया कि कोविड-19 के समय में भी ग्रामीण जनता को बैंक की सेवायें तत्परता से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। बैंक के बीसी ग्रामीण क्षेत्रों में अपने निर्धारित स्थलों पर ग्रामीणों को बैंक सुविधा दे रहे है। बीसी के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा मजदूरी, पेंशन एवं अन्य भुगतान सुगमता से हो रहे है। बैंक बीसी को निर्देशित किया गया है कि वे कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए ग्रामीणों को बैंक सुविधा प्रदान करें।
संलग्न फोटो क्रमांक-015 से 017
समाचार क्रमांक/204/204/2021/पटले

*सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार एवं सांस लेने में तकलीफ, *
*सिरदर्द, भूख न लगना जैसे लक्षण होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचे*
ऐसे व्यक्ति जो ब्लड प्रेशर, डायबिटीज किड़नी, अस्थमा, केंसर आदि बीमारियों से पीडि़त हैं, वे अपने आप में कोरोना से बचाव के लिये पूरी तरह सावधानियां बरतें। ऐसे लोग हमेशा मास्क लगाये रखें। भीड़-भाड़ में न जायें, आपस में दो गज की दूरी बनाकर रखें। हाथों को सैनेटाइज करते रहना अथवा हाथों को साबुन से धोते रहना है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए यही सावधानियां है। जिनका कड़ाई से सभी लोगों को पालन करना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, भूख न लगना, दस्त लगना आदि के लक्षण होने पर वे घर पर ही पारंपरिक उपचार लेते रहते है और ठीक होने की उम्मीद में 5 से 7 दिन गुजार देते है। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य लाभ होने के बजाय उनकी बीमारी और बढ़कर जटिल हो जाती है। ऐसे लोंगो को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कोविड-19 की जांच पॉजीटिव आती है तो उपचार और जटिल हो जाता है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट या आईसीयू में भर्ती कर उपचार करना पड़ता है। ऐसी बीमारियों से प्रभावित व्यक्तियों को सलाह दी जाती है कि उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, हाथ-पैरों में दर्द, शरीर में ऐठन, भूख न लगना खाने व सूघंने में स्वाद का पता न लगना आदि लक्षण हों तो वे तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें अथवा कोविड-19 की जांच करवाकर समय रहते पूर्व उपचार लेकर स्वास्थ्य हो। जिससे वे स्वयं को एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख सकेंगें।
समाचार क्रमांक/205/205/2021/पटले

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