बालाजी मंदिर ऋषियानंद नगर मंदसौर पर भव्य सुंदर काण्ड पाठ का हुआ आयोजन सम्पन्न

महावीर अग्रवाल

 मन्दसौर ११ नवंबर ;अभी तक; श्री हनुमन्त भागवत कमर्काण्ड परिषद के संस्थापक एवं भागवताचायर् परम पूज्य गुरूदेव पंण् श्री मुकेश शमार् नारायणजी के सान्निध्य में भगवान श्री राम की परम इच्छा से श्री आन्जनेय सुन्दर काण्ड मण्डल उज्जैन के पण्डित हषर्वर्द्धन शमार् के द्वारा आयोजित किया गया सुन्दर काण्ड पाठ का आयोजन मंशापूणर् बालाजी मंदिर ऋषियानंद नगर पर आयोजित किया गया।

सुंदर काण्ड मण्डल के नवयुवक सदस्यों के द्वारा मधुर भजनों एवं सुंदर काण्ड की एक लय से चलने वाली चैपाई से समस्त भक्त जनों का मन मोहितकर लिया। भक्तगणों ने भगवान श्रीराम की भक्ति एवं बालाजी महाराज की सेवा सुंदर काण्ड के पाठ के माध्यम से की। सुंदर काण्ड पाठ तो निरन्तर हर व्यक्ति को निश्चित करना चाहिए। सुंदर काण्ड पाठ के शुद्ध वाचन से व्यक्ति का भगवान की भक्ति पर विश्वास पूणर् संकल्पित एवं मजबूत होता है।

सुंदर काण्ड पाठ के शुभारम्भ से पहले श्री आन्जनेय सुंदर काण्ड मण्डल उज्जेन के सदस्य का पंण् जगदीशचन्द्र शमार्ए पंण् शिवनारायण शमार्ए पंण् सत्यनारायण शमार्ए पंण् राजीव शमार्ए प्रवीण शमार्ए पंण् प्रदीप शमार्ए ईश्वरसिंह शक्तावतए दशरथ शमार्ए ज्ञानसिंह राठौरए जितेन्द्र कुमावतए अंकित बंसलए प्रहलाद शुक्लाए अशोक कोतकए आशीष परदेसीए उमेश शमार्ए राजेश शमार्ए  एवं विपिन जैन के द्वारा समस्त सदस्यों का सम्मान किया गया।

सुंदर काण्ड के इस भव्य आयोजन के अवसर पर पंण् मुकेश शमार् नारायणजी ने कहा कि सुंदर काण्ड का पाठ हर व्यक्ति का मन भगवान श्री बालाजी महाराज की भक्ति से जोड़ता है हर व्यक्ति को यह जरूर महसूस होता है कि भगवान की भक्ति यदि बालाजी महाराज की तरह की जाए तो निश्चित ही  भगवान की प्राप्ति हो सकती है। आज के इस युग में भगवान श्री बालाजी महाराज की भक्ति में भी भगवान श्रीराम अति प्रसन्न होतेे है जो भक्त गण बालाजी महाराज की पूजा एवं भक्ति करते है उन भक्तों के उपर भगवान श्री बालाजी महाराज के साथ.साथ भगवान श्रीराम का आशीवार्द सदैव बना रहता है। इस अवसर पर पंण् दशरथ भाईजी ने कहा सुंदर काण्ड पाठ की हर चैपाई भक्त का इतना मनोबल बढ़ाती है कि बस यह मनुष्य जीवन भगवान श्री राम एवं बालाजी महाराज की भक्ति में अपर्ण कर दें। भक्त का विश्वास इतना मजबूत होता है कि जिस प्रकार बालाजी महाराज ने भगवान श्रीराम को अपनी भक्ति से प्राप्त किया है इस प्रकार भगवान की भक्ति एवं आशीवार्द का कुछ पल हर भक्त को प्राप्त हो जाए। भगवान की भक्ति में इतना मनोबल एवं इतना अटूट विश्वास होता है कि जिस प्रकार बालाजी महाराज माता सीता की खोज में भगवान श्रीराम को प्रमाण करते हुए 100 योजक 12 हजार किलोमीटर का समुद्र पार कर माता सीता की खोज करते है इतना ही विश्वास सुंदर काण्ड के पाठ से भक्तों के मन में मजबूत होता है। समस्त जानकारी परिषद सदस्य मनीष शमार् के द्वारा दी गई।