बाढ़ के बाद भुखमरी…..पलायन

6:38 pm or October 18, 2022
महावीर अग्रवाल
     मन्दसौर , भोपाल १८ अक्टूबर ;अभी तक;      सागर जिले में* बेतवा नदी में आई बाढ़ के कारण जिले के 42 गावं के 575 मकान क्षतिग्रस्त हो गये। इनमें 57 मकान तो जमींदोज हो चुके हैं। इन मकानों में रहने वाले 2500 लोग दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। इनमें बच्चे, बूढे़, बीमार, अपाहिज एवं गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से कुछ गांव छोड़कर जा रहे हैं, ताकि सागर, बीना, रायसेन, विदिशा, मंडीदीप और भोपाल में मजदूरी कर पेट भर सकें। वहीं जो गांव से नहीं जा पाए, वे भुखमरी का शिकार होने की कगार पर हैं। बीते 22 अगस्त के बाद बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया था। 24 अगस्त को मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश बीना आए थे, जब बाढ़ पीड़ितों से चर्चा करते हुये उन्होंने सहायता राशि देने का आश्वासन देकर अफसरों को सर्वे के निर्देश दिये थे, लेकिन 53 दिन बाद भी जिला प्रशासन सभी पीडितों तक राशि पहुंचाने में नाकाम रहा। यहां तक कि अफसरों ने इन गावों में जाकर देखा तक नहीं कि ये लोग किस हालत में हैं।
                          बीना के एसडीएम ने दावा किया है कि बीते सोमवार को क्षतिग्रस्त मकानों के पीड़ित 102 लोगों को राशि दे दी गई है। हालांकि पीड़ितों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने *कलेक्टर, सागर से एक माह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है। आयोग ने कलेक्टर, सागर से पूछा है कि 01. कितने परिवार/व्यक्ति प्रभावित हुये हैं ? 02. किस प्रकार की सहायता राशि व पुर्नवास आदि प्रस्तावित है ?  03. कितने परिवार/व्यक्तियों को राहत राशि प्राप्त हो चुकी है ?  04. कितने परिवार/व्यक्तियों को राहत राशि देना लंबित है ?*